
स्थान – हरिद्वार

ब्यूरो रिपोट

आगामी चारधाम यात्रा के मद्देनज़र हरिद्वार कलेक्ट्रेट परिसर में जिला प्रशासन की एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। अप्रैल माह से शुरू होने वाली यात्रा को लेकर प्रशासन इस बार पूरी तरह अलर्ट मोड में नजर आ रहा है। बैठक में सभी संबंधित विभागों के वरिष्ठ अधिकारी और अधिकारीगण उपस्थित रहे और यात्रा के लिए तैयारियों तथा व्यवस्थाओं की विस्तार से समीक्षा की गई।


जिलाधिकारी मयूर दीक्षित ने बताया कि हरिद्वार को चारधाम यात्रा का मुख्य प्रवेश द्वार माना जाता है, इसलिए जिले की जिम्मेदारी और अधिक बढ़ जाती है। उन्होंने कहा कि इस दृष्टि से सभी विभागों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए हैं।


विशेष रूप से यात्री सुरक्षा, भीड़ नियंत्रण और यातायात प्रबंधन पर जोर दिया गया। प्रशासन ने कहा कि इस बार यात्रा के दौरान कोई अव्यवस्था न हो और श्रद्धालुओं की सुविधा एवं सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता रहे।


जिलाधिकारी ने होली पर्व और यात्रा सीजन को ध्यान में रखते हुए खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम को विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि श्रद्धालुओं की सेहत और भोजन की गुणवत्ता सुनिश्चित करना प्रशासन की जिम्मेदारी है।

बैठक में आपातकालीन सेवाओं, चिकित्सा सुविधा, पुलिस सुरक्षा, यातायात प्रबंधन और सफाई व्यवस्था पर विशेष चर्चा हुई। अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि सभी आवश्यक उपाय पहले से सुनिश्चित किए जाएं।

जिलाधिकारी मयूर दीक्षित ने सभी विभागों से कहा कि यात्रा के दौरान आने वाले श्रद्धालुओं को निर्बाध और सुरक्षित सेवा उपलब्ध कराना प्रशासन का मुख्य लक्ष्य होना चाहिए।
प्रशासन ने स्पष्ट किया कि इस बार यात्रा के दौरान प्रत्येक विभाग को अपने कार्यों की नियमित समीक्षा करनी होगी, ताकि श्रद्धालुओं के अनुभव को सुखद और सुरक्षित बनाया जा सके।
यदि आप चाहें तो मैं इस खबर के लिए 8 शब्दों की हेडलाइन और 10 सेकंड की टीवी न्यूज स्क्रिप्ट भी तैयार कर सकता हूँ।

