सरकारी दफ्तरों में सुरक्षा को लेकर सख्त एसओपी लागू

सरकारी दफ्तरों में सुरक्षा को लेकर सख्त एसओपी लागू

स्थान – देहरादून

ब्यूरो रिपोट

शिक्षा निदेशालय में निदेशक के साथ हुई मारपीट की घटना के बाद शासन ने सरकारी कार्मिकों की सुरक्षा के लिए सख्त कदम उठाए हैं। मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन की ओर से अधिकारियों और कर्मचारियों की सुरक्षा, बचाव एवं प्रवेश नियंत्रण को लेकर नई मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) जारी की गई है।

नई एसओपी में स्पष्ट किया गया है कि ड्यूटी पर तैनात किसी भी कार्मिक के साथ धक्का-मुक्की, मारपीट या गाली-गलौच करना दंडनीय अपराध माना जाएगा। ऐसे मामलों में संबंधित व्यक्ति के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता के तहत प्राथमिकी दर्ज की जाएगी। साथ ही दोषी को तत्काल कार्यालय परिसर से निष्कासित कर ब्लैकलिस्ट किया जाएगा।

मुलाकात के लिए सख्त नियम

एसओपी के तहत अब किसी भी वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी से मिलने के लिए पूर्व अनुमति अनिवार्य होगी। एक समय में जनप्रतिनिधि समेत अधिकतम तीन व्यक्तियों को ही मिलने की अनुमति दी जाएगी। यह नियम आमजन, निजी ठेकेदारों, जनप्रतिनिधियों और उनके समर्थकों सहित सभी आगंतुकों पर लागू होगा।

हालांकि, सचिवालय और विधानसभा जैसे राजकीय कार्यालय, जहां पहले से सुरक्षा व्यवस्था मौजूद है, उन्हें इस नई एसओपी के दायरे से बाहर रखा गया है।

जोखिम वाले कार्यालयों में अतिरिक्त सुरक्षा

गृह विभाग को यह अधिकार दिया गया है कि वह आवश्यकता पड़ने पर संवेदनशील या जोखिम वाले कार्यालयों में अतिरिक्त सुरक्षा व्यवस्था लागू कर सके।

सरकार का कहना है कि यह कदम सरकारी कर्मचारियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने और कार्यालयों में अनुशासन बनाए रखने के उद्देश्य से उठाया गया है। नई व्यवस्था लागू होने के बाद अब बिना अनुमति अधिकारियों से मुलाकात संभव नहीं होगी और किसी भी प्रकार की अभद्रता पर सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

अगर आप चाहें तो मैं इस खबर के लिए 8 शब्दों की हेडलाइन और 10 सेकंड की टीवी न्यूज स्क्रिप्ट भी तैयार कर सकता हूँ।