इंडिया गठबंधन ने उठाए राज्य की भूमि और आवास नीतियों पर सवाल

इंडिया गठबंधन ने उठाए राज्य की भूमि और आवास नीतियों पर सवाल

स्थान : देहरादून
ब्यूरो रिपोट

देहरादून स्थित कांग्रेस मुख्यालय में आयोजित प्रेस वार्ता में इंडिया गठबंधन ने राज्य सरकार की भूमि और आवास नीतियों पर कड़ा सवाल उठाया। प्रेस वार्ता में पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत समेत गठबंधन के कई नेताओं ने भाग लिया।

नेताओं ने आरोप लगाया कि कई वर्षों से बसे गांवों, खत्तों और मलिन बस्तियों को राजस्व गांव का दर्जा देने और मालिकाना हक देने के पहले निर्णयों के बावजूद अब लोगों को बेदखल किया जा रहा है। उनका कहना है कि यह कार्रवाई सीधे गरीब और कमजोर वर्ग के खिलाफ है।

प्रेस वार्ता में यह भी कहा गया कि राज्य सरकार की नई भूमि नीति में भूमि पूल की जमीन भूमिहीनों और आपदाग्रस्त परिवारों के बजाय पूंजीपतियों को लीज पर दी जा रही है। नेताओं ने इसे गरीब विरोधी और जनता के अधिकारों का हनन बताया।

इंडिया गठबंधन ने चेतावनी दी कि अगर सरकार ने इन नीतियों में सुधार नहीं किया, तो आगे और बड़े आंदोलन की तैयारी की जाएगी। नेताओं ने कहा कि यह सिर्फ चेतावनी नहीं बल्कि जनता के हित में उनका जिम्मेदार कदम है।

इसी कड़ी में गठबंधन ने 25 फरवरी को सुबह 11 बजे गांधी पार्क में एक घंटे का मौन व्रत और धरने की घोषणा की है। इस दौरान राज्यभर से आए लोग अपनी आवाज उठाएंगे और सरकार से जवाब मांगेंगे।

धरने की तैयारी को लेकर गठबंधन ने स्थानीय कार्यकर्ताओं को सतर्क रहने और पूरी तरह से शांतिपूर्ण आंदोलन सुनिश्चित करने का निर्देश दिया है। नेताओं ने कहा कि यह धरना पूरी तरह से लोकतांत्रिक और गैर-हिंसक होगा।

अंत में, इंडिया गठबंधन के नेताओं ने जनता से अपील की कि वे इस आंदोलन में बढ़-चढ़कर हिस्सा लें और राज्य सरकार को आम जनता के हित में नीतियों में बदलाव करने के लिए मजबूर करें। नेताओं का कहना है कि जनता की भागीदारी ही इस संघर्ष की सफलता की कुंजी होगी।