सरकार जनता के द्वार कार्यक्रम में छाए रहे सड़क, स्वास्थ्य और शिक्षा के मुद्दे

सरकार जनता के द्वार कार्यक्रम में छाए रहे सड़क, स्वास्थ्य और शिक्षा के मुद्दे

स्थान -चकराता

ब्यूरो रिपोट

उत्तराखंड सरकार द्वारा आयोजित सरकार जनता के द्वार कार्यक्रम के तहत आम जनता की समस्याओं के समाधान के प्रयास जारी हैं, ताकि सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ सीधे अंतिम व्यक्ति तक पहुंच सके। इसी क्रम में चकराता क्षेत्र के कालसी ब्लॉक के बसाया गांव में आयोजित शिविर में सड़क, स्वास्थ्य, शिक्षा और पलायन जैसे मुद्दे प्रमुख रूप से छाए रहे।

कालसी ब्लॉक के बसाया गांव में आयोजित इस शिविर में बड़ी संख्या में ग्रामीण अपनी समस्याएं लेकर पहुंचे। कार्यक्रम का उद्देश्य था कि विभिन्न विभागों के अधिकारी मौके पर ही लोगों की शिकायतें सुनें और उनका समाधान सुनिश्चित करें।
लेकिन शिविर में ग्रामीणों का गुस्सा उस समय खुलकर सामने आया जब उन्होंने बताया कि आज भी उनका गांव सड़क सुविधा से वंचित है। ग्रामीणों का कहना था कि एक ओर सरकार गांव-गांव सड़क पहुंचाने के दावे करती है, वहीं बसाया गांव तक आज तक मोटर मार्ग नहीं पहुंच सका है। सड़क न होने के कारण मरीजों, गर्भवती महिलाओं और छात्रों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है।
शिक्षा व्यवस्था को लेकर भी ग्रामीणों ने सवाल उठाए। गांव के विद्यालयों में शिक्षकों की कमी और संसाधनों का अभाव बच्चों के भविष्य पर असर डाल रहा है। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि शिक्षा व्यवस्था की लचर हालत के चलते पलायन बढ़ रहा है।


शिविर के दौरान कुछ विभागीय अधिकारी नदारद भी रहे, जिससे ग्रामीणों में खासा आक्रोश देखने को मिला। लोगों ने मांग की कि संबंधित अधिकारी स्वयं गांव का दौरा कर समस्याओं का स्थायी समाधान करें।

कार्यक्रम में मौजूद अधिकारियों ने ग्रामीणों को आश्वस्त किया कि सड़क, स्वास्थ्य और शिक्षा से जुड़े मुद्दों को प्राथमिकता के आधार पर शासन स्तर तक पहुंचाया जाएगा और जल्द समाधान की दिशा में ठोस कदम उठाए जाएंगे।

अब देखना होगा कि सरकार जनता के द्वार कार्यक्रम के तहत उठे इन अहम मुद्दों पर कितनी तेजी से कार्रवाई होती है और बसाया गांव को बुनियादी सुविधाओं से कब तक जोड़ा जा सकेगा।