
स्थान : पौड़ी गढ़वाल
ब्यूरो रिपोट

पौड़ी गढ़वाल स्थित शिक्षा निदेशालय में प्रारंभिक शिक्षा निदेशक के साथ मारपीट की घटना के बाद शिक्षकों और कर्मचारी संगठनों में भारी आक्रोश व्याप्त है। घटना को लेकर कर्मचारियों ने इसे प्रशासनिक व्यवस्था पर सीधा हमला बताया है।


कर्मचारी नेता सीताराम पोखरियाल ने कहा कि शनिवार को कुछ असामाजिक एवं अराजक तत्वों ने जबरन कार्यालय परिसर में प्रवेश कर उत्तराखंड के प्रारंभिक शिक्षा निदेशक पर हमला किया और उन्हें शारीरिक रूप से घायल कर दिया। उन्होंने इसे अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण और निंदनीय बताया।

उन्होंने कहा कि उत्तराखंड जैसे शांतिप्रिय राज्य में शासकीय कार्यालय के भीतर इस प्रकार की हिंसक घटना अत्यंत चिंताजनक है। प्रारंभिक शिक्षा निदेशक का पद राज्य की शिक्षा व्यवस्था का महत्वपूर्ण स्तंभ है, जो लाखों विद्यार्थियों, शिक्षकों और विद्यालयों से जुड़े निर्णयों का संचालन करता है।


कर्मचारी संगठनों का कहना है कि किसी वरिष्ठ अधिकारी पर हमला केवल एक व्यक्ति पर आक्रमण नहीं, बल्कि संपूर्ण शिक्षा तंत्र और शासन व्यवस्था की गरिमा पर प्रहार है। घटना के बाद निदेशालय परिसर में भय और असुरक्षा का वातावरण बना हुआ है।

उन्होंने कहा कि यदि अधिकारी ही सुरक्षित नहीं हैं, तो सामान्य कर्मचारी अपनी सुरक्षा को लेकर कैसे आश्वस्त हो सकते हैं। इस प्रकार की घटनाएं न केवल कार्य संचालन को बाधित करती हैं, बल्कि जनहित को भी प्रभावित करती हैं।


कर्मचारी संगठनों ने शासन-प्रशासन से मांग की है कि घटना की उच्च स्तरीय और निष्पक्ष जांच तत्काल शुरू की जाए, दोषियों की शीघ्र पहचान कर गिरफ्तारी सुनिश्चित की जाए तथा उनके विरुद्ध कठोर दंडात्मक कार्रवाई की जाए।

इसके साथ ही शिक्षा निदेशालय सहित सभी शासकीय कार्यालयों में स्थायी सुरक्षा व्यवस्था, पुलिस बल की तैनाती, प्रवेश नियंत्रण प्रणाली और सीसीटीवी निगरानी सुनिश्चित करने की मांग की गई है। साथ ही प्रारंभिक शिक्षा निदेशक को समुचित चिकित्सकीय सुविधा और पर्याप्त सुरक्षा प्रदान करने की बात कही गई है।

कर्मचारी संगठनों ने चेतावनी दी है कि यदि शासन-प्रशासन द्वारा शीघ्र ठोस कार्रवाई नहीं की गई तो अधिकारी और कर्मचारी सामूहिक कार्य बहिष्कार के लिए बाध्य होंगे। उन्होंने आशा जताई कि राज्य सरकार इस गंभीर प्रकरण का शीघ्र संज्ञान लेकर न्यायोचित कार्रवाई सुनिश्चित करेगी।

