
स्थान : लोहाघाट (चंपावत)
ब्यूरो रिपोट

चंपावत जिले के लोहाघाट ब्लॉक के सीमांत सेलपेडू गांव के चमोला तोक में हयात सिंह पुत्र पूरन सिंह और रजनी देवी की संयुक्त गौशाला में अचानक भीषण आग लग गई। आग की लपटों ने देखते ही देखते पूरी गौशाला को अपनी चपेट में ले लिया, जिससे गांव में अफरा-तफरी मच गई।


आग लगने की सूचना मिलते ही बड़ी संख्या में ग्रामीण मौके पर पहुंचे और आग बुझाने का प्रयास किया। हालांकि ग्रामीणों की कड़ी मशक्कत के बावजूद आग पर समय रहते काबू नहीं पाया जा सका।

पूर्व क्षेत्र पंचायत सदस्य भीम दत्त पंत ने बताया कि गांव की महिला भगवती देवी ने अपनी जान की परवाह किए बिना गौशाला में घुसकर दो बैलों और दो भैंसों को बाहर निकालकर उनकी जान बचाई। ग्रामीणों ने उनके साहस की सराहना की है।


घटना में एक भैंस और तीन बकरियों की जलकर मौत हो गई। आग से हयात सिंह को भारी आर्थिक नुकसान हुआ है। बताया जा रहा है कि पीड़ित परिवार की आर्थिक स्थिति पहले से ही कमजोर है।

सूचना मिलते ही नीतू डांगर एसडीएम लोहाघाट, तहसीलदार, कानूनगो और राजस्व विभाग की टीम मौके पर पहुंची और घटना की जानकारी ली। आग लगने के कारणों की जांच की जा रही है।


ग्राम प्रधान राधिका देवी, प्रतिनिधि चंचल सिंह सामंत और पूर्व क्षेत्र पंचायत सदस्य भीम दत्त पंत ने प्रशासन से पीड़ित को उचित मुआवजा देने और झुलसे मवेशियों के उपचार की व्यवस्था करने की मांग की है।

इस संबंध में मनीष कुमार जिलाधिकारी चंपावत ने घटना का संज्ञान लेते हुए कहा कि पीड़ित को शीघ्र मुआवजा दिया जाएगा। साथ ही प्रभावित परिवार के लिए नई गौशाला के निर्माण की भी व्यवस्था की जाएगी।

प्रशासन ने आश्वस्त किया है कि पीड़ित परिवार को हरसंभव सहायता प्रदान की जाएगी, ताकि वे इस कठिन परिस्थिति से उबर सकें।

