
स्थान -ज्योतिर्मठ

ब्यूरो रिपोट

नंदा देवी राष्ट्रीय पार्क वन प्रभाग में आज बहु-विभागीय फॉरेस्ट फायर मॉक ड्रिल का सफल आयोजन किया गया। इस महत्वपूर्ण अभ्यास का उद्देश्य वनाग्नि की संभावित घटनाओं से निपटने के लिए विभागीय समन्वय और त्वरित प्रतिक्रिया क्षमता का परीक्षण करना था।

प्रातः 11:21 बजे सेलंग गांव के पास आग लगने की सूचना प्राप्त हुई। वन आरक्षी आनंद सिंह रावत ने तत्काल मास्टर कंट्रोल रूम, जोशीमठ को सूचना दी, जिसके बाद विभिन्न विभागों की टीमें सक्रिय हो गईं और घटनास्थल के लिए रवाना हुईं।


वन विभाग की क्रू टीम ने मौके पर पहुंचकर आग पर नियंत्रण की कार्यवाही शुरू की। सड़क के समीप धुआं अधिक होने के कारण फायर सर्विस जोशीमठ को बुलाया गया। चट्टानी पहाड़ी क्षेत्र में रेस्क्यू अभियान चलाने के लिए State Disaster Response Force (SDRF) को तैनात किया गया, जबकि रोप व तकनीकी सहयोग के लिए Indo-Tibetan Border Police (ITBP) की मदद ली गई।

घायल व्यक्ति को स्वास्थ्य विभाग की टीम ने प्राथमिक उपचार दिया। वहीं उत्तराखण्ड पुलिस ने राष्ट्रीय राजमार्ग 07 पर यातायात नियंत्रण सुनिश्चित किया, ताकि राहत और बचाव कार्य में किसी प्रकार की बाधा न आए।


इस संयुक्त मॉक ड्रिल में वन विभाग (रेंज ज्योतिर्मठ एवं ज्योतिर्मठ सिविल सोयम) से 40 कार्मिक, फायर सर्विस से 8, SDRF से 8, ITBP से 13, पुलिस विभाग से 3, राजस्व विभाग से 1 और स्वास्थ्य विभाग से 1 कार्मिक सहित स्थानीय ग्रामीणों ने सहभागिता की।

अभ्यास के माध्यम से विभिन्न विभागों के बीच समन्वय, त्वरित प्रतिक्रिया और आपदा प्रबंधन प्रणाली की प्रभावशीलता का सफल परीक्षण किया गया। अधिकारियों ने बताया कि भविष्य में भी इस प्रकार की संयुक्त मॉक ड्रिल आयोजित की जाती रहेंगी, ताकि वनाग्नि जैसी आपात स्थितियों से प्रभावी ढंग से निपटा जा सके।

