बाजपुर चीनी मिल में लाखों का फर्जीवाड़ा उजागर, तीन वरिष्ठ अधिकारी निलंबित

बाजपुर चीनी मिल में लाखों का फर्जीवाड़ा उजागर, तीन वरिष्ठ अधिकारी निलंबित

स्थान : बाजपुर उधमसिंह नगर

ब्यूरो रिपोर्ट

बाजपुर चीनी मिल एक बार फिर सुर्खियों में है। वर्ष 2022-23 के दौरान गन्ना बीज खरीद, परिवहन और भुगतान में लाखों रुपये के कथित फर्जीवाड़े का मामला जांच में उजागर हुआ है। उच्च स्तरीय जांच पूरी होने के बाद तीन वरिष्ठ अधिकारियों को प्रथम दृष्टया दोषी पाते हुए निलंबित कर दिया गया है।

जांच के आधार पर तत्कालीन प्रभारी मुख्य गन्ना अधिकारी राजीव कुमार, प्रभारी मुख्य लेखाकार बीर सेन राठी तथा प्रभारी ज्येष्ठ गन्ना विकास अधिकारी दीपिका के विरुद्ध विभागीय अनुशासनात्मक कार्रवाई की गई है। तीनों अधिकारियों को निलंबित कर अलग-अलग चीनी मिलों में संबद्ध कर दिया गया है। मामले की पुष्टि मिल की प्रभारी प्रबंधक डॉ. अमृता शर्मा ने भी की है।

इससे पूर्व गन्ना आयुक्त स्तर की जांच में गन्ना विकास समिति बाजपुर के तत्कालीन ज्येष्ठ गन्ना विकास निरीक्षक इब्राहिम और गन्ना सुपरवाइजर रामपाल को भी निलंबित किया जा चुका है। जांच में वित्तीय नियमों और प्रक्रियाओं के पालन में गंभीर अनियमितताएं सामने आई हैं।

मामले का खुलासा तब हुआ जब जागरूक किसान नेता बलदेव सिंह ने गन्ना बीज की कीमत में भारी अंतर की शिकायत दर्ज कराई। आरोप था कि निर्धारित दर 345 और 355 रुपये प्रति कुंतल होने के बावजूद किसानों से 800 रुपये प्रति कुंतल तक की कटौती की गई।

जांच में यह भी सामने आया कि जिस गन्ना बीज को पंजाब कृषि विश्वविद्यालय से लाया जाना दर्शाया गया था, वह वास्तव में वहां से मंगाया ही नहीं गया था। इस खुलासे ने पूरे तंत्र पर सवाल खड़े कर दिए हैं।

सबसे चौंकाने वाली बात यह रही कि गन्ना बीज कटाई और लदाई के कार्य के लिए बिना किसी वैध बिल के 4,07,002 रुपये का भुगतान कर दिया गया। जांच समिति ने इसे स्पष्ट रूप से फर्जी भुगतान मानते हुए मिल को आर्थिक क्षति पहुंचाने की पुष्टि की है।

मामले के सामने आने के बाद क्षेत्र में हड़कंप मचा हुआ है। किसानों ने दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई और हुए नुकसान की भरपाई की मांग की है। प्रशासन ने संकेत दिए हैं कि जांच के दायरे में अन्य संबंधित लोगों को भी लाया जा सकता है।