खटीमा में मसीह समाज ने राष्ट्रपति व मुख्यमंत्री को भेजा ज्ञापन, संवैधानिक अधिकारों की रक्षा की मांग

खटीमा में मसीह समाज ने राष्ट्रपति व मुख्यमंत्री को भेजा ज्ञापन, संवैधानिक अधिकारों की रक्षा की मांग

स्थान : खटीमा ऊधम सिंह नगर

रिपोर्टर : अशोक सरकार

खटीमा क्षेत्र में ईसाई समुदाय के लोगों ने राष्ट्रपति और मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन भेजकर धार्मिक स्वतंत्रता और संवैधानिक अधिकारों की रक्षा की मांग की है। समुदाय का कहना है कि क्षेत्र में बड़ी संख्या में ईसाई परिवार निवास करते हैं, जिन्होंने अपने निजी संसाधनों से घरों या निजी भूमि पर प्रार्थना भवन बनाए हैं, जहां प्रत्येक रविवार को प्रार्थना की जाती है।

ज्ञापन में आरोप लगाया गया है कि कुछ स्वार्थी तत्व सनातन धर्म की आड़ लेकर चर्चों में पहुंचकर अभद्रता करते हैं, प्रार्थना सभाओं में बाधा डालते हैं और तोड़फोड़ की कोशिश करते हैं। ऐसे लोगों पर रोक लगाने और धार्मिक स्थलों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की गई है।

मसीह शांति सेना के अध्यक्ष रमेश कुमार मैक्स ने कहा कि कुछ समय पूर्व स्थानीय प्रशासन ने सरकारी भूमि पर बने चर्च का हवाला देते हुए कार्रवाई की। उनका कहना है कि मेलाघाट क्षेत्र स्वयं सरकारी भूमि पर बसा है, जहां कई मंदिर और अन्य धार्मिक स्थल भी बने हुए हैं, लेकिन कार्रवाई केवल ईसाई और मुस्लिम समुदाय के चर्च और मस्जिदों पर की जा रही है। इसे उन्होंने भेदभावपूर्ण कार्रवाई बताया।

ज्ञापन में यह भी उल्लेख किया गया है कि ग्राम बिचपुरी में ओम प्रकाश राणा के घर पर प्रार्थना कर रहे लोगों पर कुछ अराजक तत्वों ने हमला किया और उन्हें प्रार्थना करने से रोका गया। इसी तरह 22 पुल क्षेत्र में सिधारी प्रसाद के खिलाफ कथित रूप से झूठा मुकदमा दर्ज कराने का आरोप लगाया गया है। मेलाघाट में चर्च तोड़े जाने और खेतलसंडा खाम में श्री अनिल सिंह के घर में बने चर्च में घुसकर हमला किए जाने की भी शिकायत की गई है।

समुदाय का आरोप है कि इन घटनाओं के दौरान स्थानीय पुलिस प्रशासन मूकदर्शक बना रहा, जिससे अराजक तत्वों के हौसले बुलंद हो रहे हैं। ज्ञापन में कहा गया है कि लगातार उत्पीड़न और तनाव की स्थिति बनी रही तो सामाजिक सौहार्द बिगड़ सकता है और समुदायों के बीच टकराव की आशंका बढ़ सकती है।

मसीह समाज के प्रतिनिधियों ने राष्ट्रपति और मुख्यमंत्री से तत्काल हस्तक्षेप कर निष्पक्ष जांच, दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई तथा चर्च, मस्जिद और अन्य धार्मिक स्थलों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की है। उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि समय रहते कार्रवाई नहीं की गई तो वे इन घटनाओं को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उठाने के लिए बाध्य होंगे।