उत्तरकाशी में महाशिवरात्रि पर उमड़ा आस्था का महासागर

उत्तरकाशी में महाशिवरात्रि पर उमड़ा आस्था का महासागर

स्थान : उत्तरकाशी
ब्यूरो रिपोर्ट

महाशिवरात्रि के पावन पर्व पर जनपद उत्तरकाशी स्थित प्राचीन काशी विश्वनाथ मंदिर, उत्तरकाशी में आस्था का अद्भुत सैलाब उमड़ पड़ा। तड़के करीब 2 बजे से ही श्रद्धालुओं की एक किलोमीटर से अधिक लंबी कतार मंदिर के बाहर लग गई। कड़ाके की ठंड के बावजूद शिवभक्तों के उत्साह में कोई कमी नहीं दिखी।

मंदिर को रंग-बिरंगी विद्युत रोशनी, भव्य पुष्प सज्जा और विशेष अलंकरण से दिव्य स्वरूप प्रदान किया गया है। पूरा परिसर आध्यात्मिक ऊर्जा से सराबोर नजर आया और ‘हर-हर महादेव’ के जयघोष से वातावरण गूंज उठा।

सुबह से हजारों श्रद्धालु गंगाजल, बेलपत्र, धतूरा, भांग और पुष्प अर्पित कर भगवान भोलेनाथ का जलाभिषेक कर रहे हैं। भक्त परिवार की सुख-समृद्धि, उत्तम स्वास्थ्य और मनोकामना पूर्ति की कामना के साथ विधि-विधान से पूजा-अर्चना कर रहे हैं।

धार्मिक मान्यता के अनुसार भारत के प्रमुख शिवधामों में काशी विश्वनाथ मंदिर, वाराणसी के बाद उत्तरकाशी का काशी विश्वनाथ मंदिर विशेष महत्व रखता है। मान्यता है कि यहां सच्चे मन से की गई प्रार्थना अवश्य फलित होती है।

श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को देखते हुए मंदिर प्रशासन और पुलिस द्वारा व्यापक सुरक्षा इंतजाम किए गए हैं। बैरिकेडिंग, कतार प्रबंधन और सुगम दर्शन की विशेष व्यवस्था की गई है, जिससे श्रद्धालुओं को सुविधा मिल सके।

प्रातःकाल से ही श्रद्धालु भागीरथी नदी के घाटों पर आस्था की डुबकी लगाकर बाबा विश्वनाथ के दर्शन के लिए लंबी लाइनों में खड़े दिखाई दिए। पूरा शहर शिवमय वातावरण में डूबा हुआ नजर आया।

महाशिवरात्रि को सकुशल एवं सुरक्षित संपन्न कराने के लिए उत्तरकाशी पुलिस पूरी तरह मुस्तैद रही। प्रमुख मंदिरों, शिवालयों और संवेदनशील स्थलों पर पर्याप्त पुलिस बल तैनात किया गया।

मंदिर परिसरों, प्रवेश एवं निकास द्वारों, पार्किंग स्थलों और भीड़-भाड़ वाले क्षेत्रों में विशेष निगरानी रखी गई। सुव्यवस्थित यातायात प्रबंधन के साथ नदी घाटों पर पुलिस बल के अलावा एसडीआरएफ, फायर ब्रिगेड और अन्य आपदा दल भी तैनात रहे, जिससे श्रद्धालु सुरक्षित और शांतिपूर्वक अपने धार्मिक अनुष्ठान संपन्न कर सकें।