
स्थान : लोहाघाट (चंपावत)
ब्यूरो रिपोर्ट

पूरे देश के साथ-साथ चंपावत जिले में भी महाशिवरात्रि का पर्व धूमधाम और श्रद्धा के साथ मनाया जा रहा है। सुबह से ही जिले के शिवालयों में भक्तों की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। हजारों श्रद्धालु जलाभिषेक और पूजा-अर्चना के लिए मंदिरों में पहुंच रहे हैं।


लोहाघाट स्थित प्रसिद्ध रिकेश्वर महादेव मंदिर में सुबह 5 बजे से ही भक्तों की लंबी कतार लगनी शुरू हो गई थी, जो लगातार जारी है। घंटों इंतजार के बाद श्रद्धालुओं ने दूध, जल और बेलपत्र अर्पित कर भगवान शिव का अभिषेक किया।

मंदिर परिसर “हर-हर महादेव” और “बम-बम भोले” के जयकारों से गूंज उठा। भक्तों ने परिवार और क्षेत्र की सुख-शांति के लिए ब्राह्मणों द्वारा विशेष पाठ भी करवाया। श्रद्धालुओं का मानना है कि महाशिवरात्रि के दिन शिवलिंग पर जल, दूध और बेलपत्र चढ़ाने से मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं और कष्ट दूर होते हैं।


क्षेत्र के प्रसिद्ध पंडित अनिल जोशी ने बताया कि रिकेश्वर महादेव की असीम कृपा है और महादेव यहां स्वयंभू रूप में विराजमान हैं। उन्होंने कहा कि यहां दर्शन करना सप्तकोशी परिक्रमा के समान पुण्यदायी माना जाता है।

उन्होंने यह भी जानकारी दी कि पूर्व में कैलाश मानसरोवर यात्रा पर जाने वाले यात्रियों का पड़ाव भी इसी मंदिर में हुआ करता था, जिससे इस स्थल का धार्मिक महत्व और बढ़ जाता है।


जिले के अन्य प्रमुख मंदिरों—बालेश्वर मंदिर, पूर्णेश्वर मंदिर, तारकेश्वर मंदिर, रामेश्वर मंदिर और पंचेश्वर धाम—में भी भक्तों की भारी भीड़ देखने को मिली।

महाशिवरात्रि को लेकर श्रद्धालुओं में खासा उत्साह नजर आया। मंदिरों को फूलों और रंगीन सजावट से भव्य रूप दिया गया है।

सुरक्षा व्यवस्था के तहत एसएचओ अशोक कुमार सिंह के नेतृत्व में भारी पुलिस बल तैनात किया गया है। साथ ही किसी भी अग्नि दुर्घटना से बचाव के लिए फायर ब्रिगेड की टीम भी मंदिर परिसर में मौजूद है।
महाशिवरात्रि के इस पावन अवसर पर चंपावत जिला पूरी तरह भक्तिमय वातावरण में सराबोर दिखाई दिया।

