
स्थान : विकासनगर

ब्यूरो रिपोर्ट

शेख-उल-हिंद एज्युकेशन चैरिटेबल ट्रस्ट की भूमि को लेकर अनियमित बिक्री और डेमोग्राफी चेंज के आरोपों ने क्षेत्र में हलचल मचा दी है। मुख्यमंत्री के निर्देश पर जिला प्रशासन ने तुरंत कार्रवाई करते हुए मौके पर संयुक्त टीम भेजी और भूमि की पैमाइश के साथ जांच शुरू कर दी।


जानकारी के अनुसार, यह जमीन ट्रस्ट को शैक्षणिक उद्देश्यों के लिए आवंटित की गई थी। जांच का उद्देश्य यह स्पष्ट करना है कि ट्रस्ट ने पूर्व में निर्धारित शर्तों का पालन किया या नहीं।

प्रारंभिक जांच में पता चला कि लगभग 20 एकड़ भूमि का विक्रय पहले 15 लोगों को बड़े भूखंडों में किया गया और बाद में इन्हें छोटे-छोटे भूखंडों में सैकड़ों व्यक्तियों को बेचा गया।


शर्तों का उल्लंघन करने और भूमि को कृषि भूमि के रूप में बनाए रखने के नियमों के उल्लंघन की आशंका जताई जा रही है। एमडीडीए ने पहले ही इस क्षेत्र में अवैध प्लाटिंग के खिलाफ सख्त कार्रवाई की है।

अवैध बाउंड्री, आंतरिक मार्ग और संरचनाओं को ध्वस्त किया जा चुका है। प्रशासन ने जनता से अपील की है कि बिना मानचित्र स्वीकृति के किसी भी भूखंड में निवेश न करें और भूमि खरीदने से पहले संबंधित विभाग से पूरी जानकारी अवश्य लें।


जमीन पर प्लॉट खरीदने वाले लोग भी मौके पर पहुंचे। उन्होंने दावा किया कि उन्होंने सभी कानूनी प्रक्रियाओं का पालन किया है।
भूखंड खरीदारों का कहना है कि डेमोग्राफी चेंज के आरोप गलत हैं। उनके अनुसार, 167 लोग हिंदू समुदाय से हैं और यह क्षेत्र महादेव रेजिडेंसी के नाम से विकसित किया जा रहा है।

