द्वाराहाट में एटीएस व्यवस्था के खिलाफ टैक्सी चालक का आमरण अनशन, सरकारी सेंटर हर जिले में खोलने की मांग

द्वाराहाट में एटीएस व्यवस्था के खिलाफ टैक्सी चालक का आमरण अनशन, सरकारी सेंटर हर जिले में खोलने की मांग

स्थान – द्वाराहाट
ब्यूरो रिपोर्ट

द्वाराहाट नगर में आज सुबह से त्रिमूर्ति चौक पर उस वक्त हलचल मच गई, जब टैक्सी चालक स्वामी गोविंद अधिकारी ने एटीएस (ऑटोमेटिक टेस्टिंग सर्विस) व्यवस्था के विरोध में आमरण अनशन शुरू कर दिया। अनशन के साथ ही उन्होंने सरकार के उस फैसले पर सवाल खड़े किए, जिसमें वाहनों की अनिवार्य जांच एटीएस सेंटर से कराने का फरमान तो जारी कर दिया गया, लेकिन पर्याप्त सरकारी सेंटरों की व्यवस्था नहीं की गई।

अनशन पर बैठे स्वामी गोविंद अधिकारी का कहना है कि वर्तमान में एटीएस के सरकारी सेंटर केवल हल्द्वानी और देहरादून में ही खोले गए हैं। ऐसे में पर्वतीय और दूरस्थ क्षेत्रों के वाहन स्वामियों को वाहन जांच के लिए सैकड़ों किलोमीटर की दूरी तय करनी पड़ रही है। इससे न सिर्फ समय की बर्बादी हो रही है, बल्कि ईंधन और अन्य खर्चों के रूप में आर्थिक नुकसान भी उठाना पड़ रहा है।

उन्होंने कहा कि सरकार ने निजी एटीएस सेंटरों से जांच कराने की अनुमति तो दे दी है, लेकिन निजी सेंटरों पर मनमाने रेट वसूले जा रहे हैं, जो आम वाहन चालकों और टैक्सी चालकों की पहुंच से बाहर हैं। “एक तरफ सरकार नियम लागू कर रही है, दूसरी तरफ आम आदमी पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ डाल दिया गया है,” गोविंद अधिकारी ने नाराजगी जताते हुए कहा।

अनशन से पहले टैक्सी चालकों और समर्थकों ने नारेबाजी कर सरकार के फैसले के खिलाफ अपना विरोध दर्ज कराया। प्रदर्शनकारियों का कहना था कि अगर सरकार वास्तव में एटीएस व्यवस्था को पारदर्शी और जनहितकारी बनाना चाहती है, तो हर जिले में या कम से कम हर आरटीओ कार्यालय में सरकारी एटीएस सेंटर खोले जाने चाहिए, ताकि वाहन स्वामियों को राहत मिल सके।

धरना-प्रदर्शन और आमरण अनशन को राजनीतिक और सामाजिक समर्थन भी मिल रहा है। उत्तराखंड क्रांति दल (उक्रांद) के जिलाध्यक्ष जगदीश रौतेला अपने कार्यकर्ताओं के साथ अनशन स्थल पर पहुंचे और आंदोलन को समर्थन दिया। वहीं, पूर्व विधायक पुष्पेश त्रिपाठी भी मौके पर मौजूद रहे। उन्होंने कहा कि पर्वतीय क्षेत्रों में पहले ही लोगों को स्वास्थ्य, शिक्षा और परिवहन जैसी मूलभूत सुविधाओं के लिए लंबी दूरी तय करनी पड़ती है, ऐसे में एटीएस जैसी व्यवस्था को केवल मैदानी जिलों तक सीमित रखना सरासर अन्याय है।

प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने जल्द ही उनकी मांगों पर सकारात्मक निर्णय नहीं लिया, तो यह आंदोलन और तेज किया जाएगा। वहीं, प्रशासन की ओर से अब तक इस मामले में कोई ठोस प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।

फिलहाल, द्वाराहाट में टैक्सी चालक का आमरण अनशन जारी है और स्थानीय लोगों की नजरें सरकार के अगले कदम पर टिकी हुई हैं।