
स्थान – ऋषिकेश
ब्यूरो रिपोर्ट
उत्तराखंड में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देश पर जुलाई 2025 में शुरू किया गया ऑपरेशन कालनेमि अब पूरे राज्य में प्रभावी रूप से लागू होता नजर आ रहा है। इस अभियान का उद्देश्य बाबा के भेष में छिपे संदिग्ध और आपराधिक प्रवृत्ति के लोगों की पहचान कर उन्हें कानून के दायरे में लाना है।


ऑपरेशन कालनेमि के तहत पुलिस द्वारा लगातार सत्यापन और कार्रवाई की जा रही है। खासतौर पर ऋषिकेश, मुनिकीरेती और लक्ष्मण झूला थाना क्षेत्रों में अभियान का असर साफ दिखाई दे रहा है। इन तीनों थाना क्षेत्रों में अब तक 900 से अधिक बाबाओं के पुलिस सत्यापन फॉर्म भरकर उनके गृह जनपद और गृह राज्य को भेजे जा चुके हैं।


पुलिस के अनुसार, अब तक 120 से अधिक ऐसे फर्जी बाबाओं को चिन्हित किया गया है, जो साधु-संत का भेष धारण कर संदिग्ध गतिविधियों में लिप्त पाए गए। इन सभी को ऑपरेशन कालनेमि के तहत गिरफ्तार कर जेल भेजा गया है।


पुलिस अधिकारियों का कहना है कि सत्यापन प्रक्रिया अभी जारी है। जैसे ही बाबाओं के गृह क्षेत्र से रिपोर्ट प्राप्त होगी, यदि किसी भी प्रकार की गलत जानकारी या आपराधिक पृष्ठभूमि सामने आती है तो संबंधित व्यक्ति के खिलाफ नियमानुसार सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

पुलिस का दावा है कि इस अभियान के शुरू होने के बाद भगवा चोले की आड़ में अपराध करने वालों में खलबली मची हुई है। कई संदिग्ध स्वयं क्षेत्र छोड़कर चले गए हैं, जबकि कई की पहचान कर ली गई है।

प्रशासन का मानना है कि ऑपरेशन कालनेमि से न केवल धार्मिक स्थलों की पवित्रता बनी रहेगी, बल्कि आम श्रद्धालुओं की सुरक्षा भी सुनिश्चित होगी। पुलिस ने स्पष्ट किया है कि यह अभियान आगे भी पूरी सख्ती के साथ जारी रहेगा और किसी भी कीमत पर फर्जीवाड़े को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।


