
लोकेशन – ऋषिकेश
ब्यूरो रिपोर्ट
अंकिता भंडारी हत्याकांड में न्याय की मांग को लेकर जहां प्रदेश भर में विभिन्न संगठन लगातार सड़कों पर उतरते रहे हैं, वहीं हिंदू संगठनों की भूमिका को लेकर भी सवाल उठते रहे हैं। इस बीच राष्ट्रीय हिंदू शक्ति संगठन के प्रदेश अध्यक्ष राघवेंद्र भटनागर मंगलवार को अचानक पत्रकारों के सामने नजर आए। पत्रकारों ने उनसे अंकिता भंडारी प्रकरण को लेकर सवाल-जवाब करने की कोशिश की, लेकिन शुरुआत में वे सवालों से बचते नजर आए। बावजूद इसके पत्रकार उन्हें कैमरे के सामने लाने में सफल रहे और प्रकरण को लेकर सीधे सवाल पूछे।


कैमरे के सामने दिए गए राघवेंद्र भटनागर के बयानों ने सभी को चौंका दिया। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड की बेटी अंकिता भंडारी ने अपने चरित्र और स्वाभिमान की रक्षा के लिए अपने प्राणों की आहुति दी है, जिसे कभी भुलाया नहीं जा सकता। उन्होंने इस घटना की तुलना ऐतिहासिक प्रसंगों से करते हुए कहा कि जिस तरह रानी पद्मावती और उनकी 16 हजार छत्राणियों ने अपने सम्मान की रक्षा के लिए जौहर किया था, उसी तरह अब इतिहास के पन्नों में अंकिता भंडारी का नाम भी स्वाभिमान की रक्षा करने वाली वीरांगनाओं के साथ दर्ज हो चुका है।


राघवेंद्र भटनागर ने सरकार से मांग की कि अंकिता भंडारी की स्मृति को सम्मान देने के लिए प्रदेश में किसी प्रमुख सड़क परियोजना का नाम उनके नाम पर रखा जाए।


इसके साथ ही उन्होंने कन्या धनराशि योजना, किसी विद्यालय तथा राजीव गांधी स्टेडियम का नाम भी अंकिता भंडारी के नाम पर किए जाने की मांग की।

हालांकि उनके इस बयान के बाद राजनीतिक और सामाजिक हलकों में नई बहस छिड़ गई है। एक ओर जहां कुछ लोग इसे अंकिता को सम्मान देने की मांग के रूप में देख रहे हैं, वहीं कई लोग इसे मूल मुद्दे से ध्यान भटकाने वाला बयान भी बता रहे हैं।


अंकिता भंडारी हत्याकांड में दोषियों को कड़ी सजा और निष्पक्ष न्याय की मांग को लेकर प्रदेश में आक्रोश लगातार बना हुआ है।


