
स्थान : रानीखेत
रिपोर्ट : संजय जोशी

हिंदू नववर्ष और चैत्र मास के आगमन के अवसर पर नगर पालिका चिलियानौला की ओर से देर शाम चौमूथान मंदिर परिसर में पारंपरिक झोड़ा गायन का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में क्षेत्र की महिलाओं ने बड़ी संख्या में भाग लेकर लोक संस्कृति की समृद्ध परंपरा को जीवंत किया।


कार्यक्रम का उद्देश्य पारंपरिक लोक संस्कृति को संरक्षित करना और नई पीढ़ी को अपनी सांस्कृतिक जड़ों से जोड़ने के लिए जागरूक करना था। इस दौरान महिलाओं ने पारंपरिक वेशभूषा में झोड़ा गायन प्रस्तुत कर वातावरण को सांस्कृतिक रंगों से भर दिया।

कार्यक्रम में मौजूद लोगों ने झोड़ा गायन का आनंद लिया और लोक परंपराओं के संरक्षण के प्रयासों की सराहना की। स्थानीय लोगों का कहना था कि ऐसे आयोजनों से पहाड़ की संस्कृति को आगे बढ़ाने में मदद मिलती है।

नगर पालिका अध्यक्ष Arun Rawat ने कहा कि भविष्य में इस तरह के सांस्कृतिक कार्यक्रमों को और वृहद रूप दिया जाएगा, ताकि स्थानीय कलाकारों और महिलाओं को अपनी प्रतिभा दिखाने का अवसर मिल सके।

उन्होंने कहा कि लोक परंपराएं हमारी पहचान हैं और इन्हें सहेजना हम सभी की जिम्मेदारी है। ऐसे आयोजनों के माध्यम से समाज में सांस्कृतिक चेतना को बढ़ावा दिया जा सकता है।
इस अवसर पर व्यापार मंडल अध्यक्ष Kamlesh Bora ने भी कार्यक्रम की सराहना की। उन्होंने कहा कि झोड़ा गायन प्राचीन लोक परंपरा का प्रतीक है और इसमें महिलाओं की उत्साहपूर्ण भागीदारी इस परंपरा के प्रति उनके प्रेम को दर्शाती है।

कार्यक्रम में नगर पालिका क्षेत्र की महिलाओं ने सक्रिय रूप से सहयोग किया और आयोजन को सफल बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
सांस्कृतिक कार्यक्रम के दौरान चौमूथान मंदिर परिसर में उत्साह और उल्लास का माहौल बना रहा और लोगों ने पारंपरिक लोक संस्कृति का भरपूर आनंद लिया।

