
ब्यरो रिपोर्ट

अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि ईरान से जुड़े मौजूदा संघर्ष के समाप्त होते ही कच्चे तेल की कीमतों में तेज गिरावट आ सकती है। उनका कहना है कि तेल कीमतों में हालिया उछाल युद्ध और सप्लाई बाधाओं के कारण है और हालात सामान्य होने पर बाजार में राहत देखने को मिलेगी।


ट्रंप ने बताया कि उन्होंने करीब सात देशों से युद्धपोत भेजकर Strait of Hormuz को खुला रखने की मांग की है। हालांकि अभी तक किसी भी देश ने इस पर स्पष्ट प्रतिबद्धता नहीं जताई है।

उन्होंने एयरफोर्स वन से वॉशिंगटन लौटते समय पत्रकारों से कहा कि यह समुद्री मार्ग उन देशों के लिए ज्यादा महत्वपूर्ण है जो पश्चिम एशिया से तेल आयात करते हैं। ट्रंप का कहना है कि इन देशों को अपनी ऊर्जा आपूर्ति की सुरक्षा के लिए आगे आना चाहिए।

होर्मुज जलडमरूमध्य दुनिया के सबसे अहम समुद्री मार्गों में से एक माना जाता है। वैश्विक स्तर पर कारोबार होने वाले कुल कच्चे तेल का लगभग पांचवां हिस्सा इसी रास्ते से गुजरता है।
ईरान से जुड़े तनाव के कारण इस मार्ग की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई है, जिससे अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में तेजी देखने को मिल रही है।

इसी बीच अमेरिकी तेल कंपनियों ने ट्रंप प्रशासन को चेतावनी दी है कि अगर इस महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग में बाधा जारी रही तो वैश्विक ईंधन संकट और गहरा सकता है।

The Wall Street Journal की एक रिपोर्ट के मुताबिक तेल उद्योग के शीर्ष अधिकारियों ने कहा है कि अगर होर्मुज मार्ग प्रभावित होता है तो दुनिया भर में ईंधन आपूर्ति पर गंभीर असर पड़ सकता है।
अधिकारियों के अनुसार अमेरिका में घरेलू तेल उत्पादन बढ़ाने की क्षमता सीमित है। होर्मुज के पीछे फंसी करीब 90 लाख से एक करोड़ बैरल प्रतिदिन तेल आपूर्ति की भरपाई करना आसान नहीं होगा। इस बीच अमेरिकी तेल की कीमत भी बढ़कर 99 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गई है, जो पहले लगभग 87 डॉलर प्रति बैरल थी।

