

स्थान : रामनगर
ब्यरो रिपोर्ट

प्रसिद्ध गर्जिया देवी मंदिर में श्रद्धालुओं के लिए दर्शन व्यवस्था पर अस्थायी रोक बढ़ा दी गई है। टीले के सुदृढ़ीकरण कार्य के चलते अब मुख्य मंदिर तक आमजन की आवाजाही 30 मई 2026 तक पूरी तरह बंद रहेगी। प्रशासन ने सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए यह निर्णय लिया है।


सिंचाई विभाग के अधिशासी अभियंता अजय कुमार जॉन ने जानकारी देते हुए बताया कि मंदिर के टीले को मजबूत करने का कार्य तेजी से जारी है। ऐसे में किसी भी प्रकार की दुर्घटना से बचाव के लिए श्रद्धालुओं की मुख्य मंदिर तक पहुंच पर रोक लगाई गई है।


हालांकि श्रद्धालुओं की आस्था को ध्यान में रखते हुए वैकल्पिक व्यवस्था की गई है। अब भक्त मंदिर परिसर के दूसरे छोर पर स्थित लक्ष्मी नारायण मंदिर में मां गर्जिया देवी की चरण पादुका के दर्शन कर सकेंगे।


गौरतलब है कि वर्ष 2010 की बाढ़ के बाद से ही गर्जिया देवी मंदिर के टीले में दरारें आने लगी थीं, जो समय के साथ और गंभीर होती गईं। इससे मंदिर की संरचना को लगातार खतरा बना हुआ था।
स्थिति को देखते हुए सिंचाई विभाग द्वारा कई बार मरम्मत के प्रस्ताव तैयार किए गए। वर्ष 2024 में पहले चरण का सुदृढ़ीकरण कार्य पूरा किया गया था, जबकि अब दूसरा चरण तेज गति से चल रहा है।


अधिकारियों के अनुसार, मंदिर का क्षेत्र अत्यंत संवेदनशील है क्योंकि एक ओर नदी का प्रवाह है और दूसरी ओर कमजोर टीला स्थित है। ऐसे में निर्माण कार्य चुनौतीपूर्ण बना हुआ है।


कार्य के दौरान नदी के भीतर लगभग 5 मीटर तक खुदाई की जा रही है, जहां लगातार पानी का रिसाव भी हो रहा है। इस कारण कार्य को अत्यंत सावधानी के साथ किया जा रहा है।


पहले भी मंदिर को फरवरी और मार्च-अप्रैल में अस्थायी रूप से बंद किया गया था, लेकिन कार्य अभी हाई फ्लड लेवल (HFL) तक पूरा नहीं हो सका है।
इसी को ध्यान में रखते हुए अब मंदिर को 30 मई तक बंद रखने का निर्णय लिया गया है। आवश्यकता पड़ने पर यह अवधि 15 जून तक भी बढ़ाई जा सकती है, ताकि मानसून से पहले सभी सुरक्षा कार्य पूरे किए जा सकें।

विभाग का लक्ष्य है कि जून से पहले टीले को सुरक्षित स्तर तक मजबूत कर उसके चारों ओर सुरक्षा दीवार और कंक्रीट संरचना तैयार कर ली जाए, जिससे भविष्य में किसी भी खतरे से मंदिर को सुरक्षित रखा जा सके।

फिलहाल प्रशासन और विभागीय टीमें लगातार मौके पर नजर बनाए हुए हैं और श्रद्धालुओं से सहयोग की अपील की जा रही है।

