बाजपुर चीनी मिल स्क्रैप घोटाले को लेकर चल रहा धरना 11वें दिन समाप्त, 15 दिन में कार्रवाई का मिला आश्वासन

बाजपुर चीनी मिल स्क्रैप घोटाले को लेकर चल रहा धरना 11वें दिन समाप्त, 15 दिन में कार्रवाई का मिला आश्वासन

स्थान : बाज़पुर
रिपोर्टर : विशेष शर्मा

बाजपुर चीनी मिल में कथित स्क्रैप घोटाले को लेकर पिछले 10 दिनों से चल रहा धरना शुक्रवार को 11वें दिन नाटकीय तरीके से समाप्त हो गया। किसान, मजदूर, कांग्रेस कार्यकर्ताओं और स्थानीय लोगों के सहयोग से चल रहे इस आंदोलन में कई जनप्रतिनिधियों ने भी पहुंचकर समर्थन दिया था।

धरने के दौरान प्रदर्शनकारियों की प्रमुख मांग थी कि करोड़ों रुपये के कथित स्क्रैप घोटाले में दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए और नुकसान की पूरी भरपाई कराई जाए। प्रदर्शनकारियों का कहना था कि जब तक दोषियों पर कार्रवाई नहीं होगी, तब तक आंदोलन जारी रहेगा।

इस मामले में पहले ही तीन निचले स्तर के कर्मचारियों को निलंबित किया जा चुका है। वहीं एसडीएम अमृता शर्मा और सुरक्षा व्यवस्था का कार्य देख रहे संदीप शुक्ला का स्थानांतरण भी किया गया है। हालांकि, अब तक मामले के मुख्य स्तर पर कोई बड़ी कार्रवाई नहीं हुई है।

घोटाले की जांच के लिए देहरादून से गठित कमेटी एक बार बाजपुर पहुंचकर जांच कर चुकी है। कमेटी को 15 दिन के भीतर अपनी रिपोर्ट देनी थी, लेकिन धरना समाप्त होने तक जांच में कोई बड़ी प्रगति सामने नहीं आई थी। अब जल्द ही जांच कमेटी के दोबारा पहुंचने की संभावना जताई जा रही है।

शुक्रवार सुबह करीब 10:30 बजे बाजपुर चीनी मिल की प्रधान प्रबंधक रिचा सिंह चीनी मिल गेट पर पहुंचीं और आंदोलनकारियों से वार्ता की। उन्होंने 15 दिन के भीतर प्रभावी कार्रवाई किए जाने का आश्वासन दिया। इसके बाद प्रदर्शनकारियों ने अपनी मांगों से संबंधित ज्ञापन एसडीएम को सौंपा और धरना समाप्त करने की घोषणा की।

धरना समाप्त होने के बाद अब सभी की नजरें जांच रिपोर्ट और प्रशासन की अगली कार्रवाई पर टिकी हैं। आंदोलनकारियों का कहना है कि यदि तय समय सीमा में ठोस कार्रवाई नहीं हुई तो मामले को फिर से उठाया जाएगा।

नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य सहित कई नेताओं ने पहले इस मामले को गंभीर बताते हुए दोषियों पर कार्रवाई की मांग की थी। अब सवाल यह है कि यदि जांच में देरी होती है तो क्या इस मुद्दे को विधानसभा में उठाया जाएगा और क्या स्थानीय किसान संगठन अपने आंदोलन को आगे बढ़ाएंगे।

स्थानीय लोगों को उम्मीद है कि चीनी मिल प्रबंधन और प्रशासन मामले में निष्पक्ष जांच कर जल्द निर्णय लेंगे, ताकि कथित घोटाले की सच्चाई सामने आ सके और जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई हो सके।