चितई गाँव में भू-माफिया के खिलाफ ग्रामीणों का जनआंदोलन, जमीन-जंगल बचाने का संकल्प

चितई गाँव में भू-माफिया के खिलाफ ग्रामीणों का जनआंदोलन, जमीन-जंगल बचाने का संकल्प

स्थान – अल्मोड़ा
रिपोर्टर – गोविन्द रावत

अल्मोड़ा जनपद के चितई गाँव में बढ़ती भू-माफिया की गतिविधियों और पहाड़ की जमीन, जंगल, पारंपरिक रास्तों व सार्वजनिक संसाधनों पर हो रहे अतिक्रमण के विरोध में एक बड़ी जन बैठक और आंदोलन का आयोजन किया गया। यह आंदोलन उत्तराखंड जन चेतना मंच के बैनर तले सामाजिक कार्यकर्ता विनय किरोला के कार्यालय के नेतृत्व में ग्रामीणों द्वारा किया गया।

जन बैठक को संबोधित करते हुए वक्ताओं ने एक स्वर में कहा कि पहाड़ की जमीन केवल भूमि नहीं, बल्कि पहाड़ की अस्मिता, संस्कृति और आने वाली पीढ़ियों का भविष्य है, जिसे किसी भी कीमत पर भू-माफिया के हाथों लूटने नहीं दिया जाएगा। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि प्रशासनिक संरक्षण में कुछ भू-माफिया ग्राम भूमि, पारंपरिक रास्तों और सार्वजनिक संपत्तियों पर अवैध कब्जे का प्रयास कर रहे हैं।

ग्रामीणों ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि यह लड़ाई केवल धरना-प्रदर्शन तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि आवश्यकता पड़ने पर सड़क से लेकर उच्च न्यायालय तक कानूनी और संवैधानिक लड़ाई लड़ी जाएगी। ग्रामीणों का कहना है कि भूमि से संबंधित खतौनी, नक्शे और अन्य सभी वैध दस्तावेज उनके पास मौजूद हैं, जिनके आधार पर जल्द ही कानूनी कार्रवाई को मजबूती से आगे बढ़ाया जाएगा।

वक्ताओं ने उठाए गंभीर मुद्दे

बैठक में चेतावनी दी गई कि यदि समय रहते भू-माफिया पर लगाम नहीं लगी तो

  • ग्रामीणों के पारंपरिक रास्ते बंद हो जाएंगे,
  • जल स्रोतों पर गंभीर संकट उत्पन्न होगा,
  • पलायन और तेज होगा,
  • और आने वाली पीढ़ियों को अपनी ही जमीन से वंचित होना पड़ेगा।

वक्ताओं ने कहा कि यह आंदोलन अब केवल चितई गाँव तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि इसे पूरे अल्मोड़ा जनपद और उत्तराखंड के पहाड़ी क्षेत्रों में जनचेतना अभियान के रूप में फैलाया जाएगा। ग्रामीणों ने दो टूक शब्दों में कहा कि यदि भू-माफिया और उनके संरक्षणकर्ताओं के खिलाफ शीघ्र प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई, तो आंदोलन को और उग्र रूप दिया जाएगा तथा जिला प्रशासन, शासन और न्यायालय तक आवाज़ बुलंद की जाएगी।

अंत में सभी ने संकल्प लिया कि पहाड़ की जमीन, जंगल और संसाधनों की रक्षा के लिए एकजुट रहकर लोकतांत्रिक और कानूनी संघर्ष निरंतर जारी रखा जाएगा
कार्यक्रम का संचालन प्रकाश चंद्र आर्य ने किया।

इनकी रही प्रमुख मौजूदगी

एडवोकेट विनोद तिवारी, जगदीश जोशी, अभिषेक पंत, प्रकाश चंद्र, नितिन पंत, राजू कांडपाल, बसंत राम (सरपंच), संजय पुना, राजेश पुना, शिवराज पुना, बिशन राम (सरपंच), राजेन्द्र सिंह बोरा, वीरेंद्र रौतेला, मोहन चंद्र, महेंद्र कुमार, मोहन चंद्र रूवाली, अतुल रूवाली, राजू बोरा, पारस कुमार सहित वरिष्ठ अधिवक्ता, सामाजिक कार्यकर्ता, ग्राम प्रतिनिधि एवं बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहे।