

ब्यूरो रिपोर्ट


15 वर्षीय भारतीय बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी एक बार फिर चर्चा में हैं, लेकिन इस बार वजह उनका प्रदर्शन नहीं बल्कि मैदान पर हुआ विवाद है। इंडिया ए और श्रीलंका ए के बीच खेले गए ट्राई नेशन ए सीरीज के मुकाबले के बाद वैभव की एक श्रीलंकाई खिलाड़ी के साथ तीखी बहस और कथित धक्का-मुक्की देखने को मिली, जिसका वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है।


मैच में इंडिया ए को सुपर ओवर में 8 रन से हार का सामना करना पड़ा था। इसके बाद दोनों खिलाड़ियों के बीच विवाद बढ़ गया और मामला शारीरिक टकराव तक पहुंच गया। अब इस घटना को लेकर अनुशासनात्मक कार्रवाई की चर्चा तेज हो गई है।


जानकारों के अनुसार यह मामला आईसीसी की आचार संहिता के अनुच्छेद 2.12 के दायरे में आ सकता है, जो किसी खिलाड़ी द्वारा दूसरे खिलाड़ी या अधिकारी के साथ अनुचित शारीरिक संपर्क से संबंधित है। यदि जांच में यह साबित होता है कि खिलाड़ी ने जानबूझकर या लापरवाही से धक्का दिया या टकराव किया, तो उस पर जुर्माना या अन्य अनुशासनात्मक कार्रवाई की जा सकती है।


हालांकि अभी तक मैच रेफरी की ओर से कोई आधिकारिक फैसला नहीं आया है। इसके अलावा यह भी महत्वपूर्ण है कि ए-टीम सीरीज के अधिकांश अनुशासनात्मक मामलों का निपटारा संबंधित क्रिकेट बोर्ड या टूर्नामेंट प्रबंधन करता है। आमतौर पर आईसीसी सीधे ऐसे मामलों में हस्तक्षेप नहीं करती।
क्रिकेट नियमों के अनुसार लेवल-1 के अपराध में खिलाड़ी को आधिकारिक फटकार, चेतावनी या मैच फीस का 50 प्रतिशत तक जुर्माना लगाया जा सकता है। वहीं बैन तब लगता है जब कोई खिलाड़ी 24 महीनों के भीतर चार या उससे अधिक डिमेरिट अंक हासिल कर लेता है।


फिलहाल वैभव सूर्यवंशी पर तत्काल बैन की संभावना कम मानी जा रही है, लेकिन जांच के बाद उन्हें चेतावनी या जुर्माने जैसी अनुशासनात्मक कार्रवाई का सामना करना पड़ सकता है। अब सभी की नजर मैच अधिकारियों की रिपोर्ट और संभावित फैसले पर टिकी है।



