

स्थान – हरिद्वार
रिपोर्ट – संजय चौधरी


कुंभ 2027 की तैयारियों को लेकर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी और अखाड़ों के संतों की हुई बैठक पर सवाल उठाने और संत परंपरा के खिलाफ कथित बयानबाज़ी करने का मामला गंभीर रूप ले चुका है। श्रीपंच दशनाम जूना अखाड़े ने इस प्रकरण में बड़ी कार्रवाई की है।



जूना अखाड़े के अंतरराष्ट्रीय अध्यक्ष श्रीमहंत मोहन भारती महाराज ने अनुशासनहीनता और संत मर्यादा के विरुद्ध आचरण करने के आरोप में दो वरिष्ठ संत—महामंडलेश्वर स्वामी यतींद्रानंद गिरी महाराज और महामंडलेश्वर स्वामी प्रबोधानंद गिरी महाराज—को तत्काल प्रभाव से अखाड़े से निष्कासित कर दिया है।


अखाड़े की ओर से कहा गया है कि दोनों महामंडलेश्वरों ने न केवल मुख्यमंत्री की बैठक पर अनर्गल बयान दिए, बल्कि अखाड़ों की परंपरा और आचार संहिता के विपरीत व्यवहार किया है। श्रीमहंत मोहन भारती महाराज ने स्पष्ट किया कि मामले में अन्य किसी संत की संलिप्तता पाई गई, तो उनके खिलाफ भी कठोर कार्रवाई की जाएगी।



गौरतलब है कि निष्कासित किए गए दोनों संतों ने रविवार को कुछ स्थानीय संतों की बैठक बुलाकर अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद से अलग ‘अखिल भारतीय आश्रम परिषद’ नाम के नए संगठन के गठन की घोषणा की थी। इसके बाद से संत समाज में हलचल तेज हो गई है।

कुंभ 2027 को दिव्य और भव्य रूप से आयोजित करने के लिए सरकार तैयारियों में जुटी है, ऐसे में संतों के भीतर उठे विवाद ने अखाड़ा राजनीति में नई चर्चाओं को जन्म दे दिया है।



