रामनगर में भीषण ट्रैफिक जाम से पर्यटक और स्थानीय लोग परेशान, कई पर्यटकों की कॉर्बेट सफारी छूटी

रामनगर में भीषण ट्रैफिक जाम से पर्यटक और स्थानीय लोग परेशान, कई पर्यटकों की कॉर्बेट सफारी छूटी

स्थान : रामनगर
ब्यूरो रिपोर्ट

विश्व प्रसिद्ध पर्यटन नगरी रामनगर रविवार को भीषण ट्रैफिक जाम की समस्या से जूझती रही। शहर और आसपास के प्रमुख मार्गों पर कई किलोमीटर लंबा जाम लगने से स्थानीय लोगों के साथ-साथ पर्यटकों को भी भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा। हालात इतने गंभीर हो गए कि कई पर्यटक समय पर कॉर्बेट टाइगर रिजर्व के विभिन्न पर्यटन जोनों तक नहीं पहुंच सके, जिसके कारण उनकी पूर्व निर्धारित जंगल सफारी भी रद्द हो गई।

सप्ताहांत और पर्यटन सीजन के चलते रविवार को रामनगर में वाहनों का दबाव अचानक बढ़ गया। नगर के प्रमुख चौराहों, बाजार क्षेत्रों और कॉर्बेट पार्क को जाने वाले मार्गों पर सुबह से ही वाहनों की लंबी कतारें लगनी शुरू हो गई थीं। दोपहर तक स्थिति और अधिक गंभीर हो गई तथा कई स्थानों पर कई किलोमीटर लंबा जाम लग गया।

जाम का असर स्थानीय नागरिकों के दैनिक जीवन पर भी पड़ा। लोगों को अपने नियमित कार्यों के लिए आने-जाने में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ा, जबकि दूर-दराज से पहुंचे पर्यटक घंटों तक वाहनों में फंसे रहे। भीषण गर्मी और लंबे इंतजार ने उनकी परेशानी को और बढ़ा दिया। कई पर्यटकों ने बताया कि उन्हें सामान्य समय की तुलना में कई गुना अधिक समय यात्रा में लगाना पड़ा।

सबसे अधिक प्रभावित कॉर्बेट टाइगर रिजर्व घूमने आए पर्यटक रहे। जानकारी के अनुसार, कई पर्यटक ढेला, झिरना, बिजरानी समेत अन्य पर्यटन जोनों में निर्धारित समय पर नहीं पहुंच सके। कॉर्बेट प्रशासन के नियमों के तहत निर्धारित समय के बाद पर्यटकों को प्रवेश की अनुमति नहीं दी जाती है। ऐसे में जाम में फंसे पर्यटकों की सफारी बुकिंग निरस्त हो गई और उन्हें बिना जंगल भ्रमण किए ही लौटना पड़ा।

पर्यटकों ने ट्रैफिक व्यवस्था को लेकर नाराजगी जताते हुए कहा कि रामनगर जैसे अंतरराष्ट्रीय पर्यटन स्थल पर यातायात प्रबंधन को और अधिक प्रभावी बनाए जाने की आवश्यकता है। उनका कहना था कि महीनों पहले सफारी बुक कराने के बावजूद केवल ट्रैफिक जाम के कारण उनका पूरा कार्यक्रम प्रभावित हो गया।

उधर, ट्रैफिक पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों ने जाम खुलवाने के लिए लगातार प्रयास किए। विभिन्न चौराहों और संवेदनशील स्थानों पर पुलिसकर्मी यातायात को नियंत्रित करने में जुटे रहे, लेकिन वाहनों की अत्यधिक संख्या के कारण स्थिति को सामान्य होने में काफी समय लगा।

स्थानीय नागरिकों ने भी बढ़ती पर्यटक संख्या और यातायात दबाव को देखते हुए स्थायी ट्रैफिक प्रबंधन, वैकल्पिक मार्गों के विकास और पार्किंग सुविधाओं को मजबूत करने की मांग की है। उनका मानना है कि प्रभावी यातायात व्यवस्था से भविष्य में पर्यटकों और स्थानीय लोगों को इस तरह की समस्याओं से राहत मिल सकेगी।