जोशीमठ : धौली गंगा घाटी में भालुओं का आतंक, नगर क्षेत्र तक पहुंचा खतरा — लोगों में दहशत

जोशीमठ : धौली गंगा घाटी में भालुओं का आतंक, नगर क्षेत्र तक पहुंचा खतरा — लोगों में दहशत

रिपोर्ट: संजय कुंवर
स्थान: ज्योर्तिमठ

सीमांत धौली गंगा घाटी के गांवों से लेकर जोशीमठ नगर क्षेत्र तक इन दिनों भालुओं का आतंक लगातार बढ़ता जा रहा है। जुम्मा, झेलम और आसपास के इलाकों में खेतों को नुकसान पहुंचाने के बाद अब भालू नगर क्षेत्र में भी धमकने लगे हैं। स्थिति यह है कि सांझ ढलते ही भालू डांडो, मनोहर बाग, सुनील, नोग, पुनगेर, रविग्राम और सिंहधार वार्डों में घूमते देखे जा रहे हैं। इससे स्थानीय लोग अपनी जान जोखिम में डालकर आवाजाही करने को मजबूर हैं।

सुबह मॉर्निंग वॉक के लिए निकलने वालों में भी भय का माहौल है। सुनील क्षेत्र में भालू द्वारा एक बैल को मारने की घटना के बाद मंगलवार तड़के भालू डांडो गांव के बीचोंबीच आबादी वाले इलाके में घुस गया और एक दो मंजिला मकान तक चढ़ गया। अचानक हुई इस घटना से गांव में अफरा-तफरी मच गई। गनीमत रही कि उस समय कोई व्यक्ति सामने नहीं आया, वरना बड़ा हादसा हो सकता था। ग्रामीणों ने किसी तरह शोर मचाकर भालू को भगाया।

स्थानीय लोगों का कहना है कि नंदा देवी राष्ट्रीय पार्क प्रशासन भालुओं को आबादी से दूर भगाने में पूरी तरह नाकाम साबित हो रहा है। QRT टीम और पटाखे फोड़ने जैसी कोशिशों का भी इन भालुओं पर कोई असर नहीं पड़ रहा है। ग्रामीणों का आरोप है कि भालू अब बेखौफ होकर जुम्मा से लेकर जोशीमठ नगर तक उत्पात मचा रहे हैं और वन विभाग लाचार नजर आ रहा है।

लोगों में नगर क्षेत्र के जनप्रतिनिधियों की निष्क्रियता को लेकर नाराज़गी है। वहीं, भालुओं के इस असामान्य व्यवहार और शीतनिद्रा में देरी ने वन्यजीव प्रेमियों और वन विभाग दोनों को चिंता में डाल दिया है।

ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि प्रभावित क्षेत्रों में रात्री गश्त बढ़ाई जाए, भालुओं की ट्रैकिंग व रेस्क्यू टीम को तत्काल सक्रिय किया जाए और लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित की जाए।