

स्थान : हरिद्वार


पंचायती बड़ा उदासीन अखाड़े में संतों के दो गुटों के बीच विवाद थमने का नाम नहीं ले रहा है। अखाड़े के एक गुट के संतों ने शनिवार को हरिद्वार प्रेस क्लब में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर अखाड़े के वरिष्ठ संतों पर संपत्ति को खुर्द-बुर्द करने और मनमानी करने के गंभीर आरोप लगाए।



प्रेस कॉन्फ्रेंस में पहुंचे महामंडलेश्वर स्वामी शिवानंद महाराज ने कहा कि अखाड़े के मुकामी महंत और मुख्य महंत अपनी शक्तियों का दुरुपयोग कर रहे हैं और अखाड़े की संपत्ति का गलत इस्तेमाल किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि यदि इस मनमानी पर जल्द रोक नहीं लगाई गई, तो अखाड़े की परंपरा और अस्तित्व दोनों पर संकट आ सकता है।


स्वामी शिवानंद ने स्पष्ट कहा कि “अखाड़े के भीतर पारदर्शिता और अनुशासन बहाल करना अब जरूरी है। कुछ संत अपनी मनमरजी से निर्णय लेकर अखाड़े की गरिमा को ठेस पहुंचा रहे हैं।”


अखाड़े के भीतर यह विवाद लंबे समय से संपत्ति और नेतृत्व को लेकर चल रही खींचतान से जुड़ा बताया जा रहा है। दोनों पक्ष एक-दूसरे पर आरोप-प्रत्यारोप लगा रहे हैं।




जानकारों का कहना है कि यदि स्थिति पर समय रहते नियंत्रण नहीं किया गया, तो यह विवाद न केवल अखाड़े की साख को नुकसान पहुंचा सकता है, बल्कि संत समाज में भी नई दरारें पैदा कर सकता है।


