जनकल्याण की बड़ी पहल: माधवी फाउंडेशन ने लगाया निशुल्क नेत्र एवं पशु चिकित्सा शिविर, ग्रामीणों को मिली राहत

जनकल्याण की बड़ी पहल: माधवी फाउंडेशन ने लगाया निशुल्क नेत्र एवं पशु चिकित्सा शिविर, ग्रामीणों को मिली राहत

स्थान — हल्दूचौड़ (दौलिया ग्राम सभा)

ग्राम सभा दौलिया, हल्दूचौड़ स्थित शहीद जगदीश जोशी सभागार में माधवी फाउंडेशन की ओर से संयुक्त निशुल्क नेत्र एवं पशु चिकित्सा शिविर का आयोजन किया गया। यह शिविर प्रभु नेत्रालय रुद्रपुर और पशुपालन विभाग के सहयोग से आयोजित हुआ, जिसमें ग्रामीणों की बड़ी संख्या में भागीदारी देखने को मिली।

नेत्र शिविर में लगभग 60 ग्रामीणों की निशुल्क नेत्र जांच की गई और 15 मरीजों को मोतियाबिंद ऑपरेशन के लिए चयनित किया गया। संस्था द्वारा बताया गया कि सभी चयनित मरीजों का निशुल्क ऑपरेशन कराया जाएगा और उनके आने-जाने की व्यवस्था भी संस्था की ओर से की जाएगी।
नेत्र चिकित्सकों ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में इस प्रकार की सेवाओं से लोगों को शहर तक जाने की परेशानी कम होती है और समय पर इलाज मिल पाता है।

वहीं, पशु चिकित्सा शिविर में पशुपालन विभाग की टीम ने पशुओं की स्वास्थ्य जांच, टीकाकरण और उपचार किया। पशु चिकित्सा अधिकारी डॉ. हिमांशु धर्मसत्तू ने बताया कि पशुपालकों को डिवार्मिंग दवाइयां, मिनरल मिक्सचर, आवश्यक दवाएं पंजीयन शुल्क पर उपलब्ध कराई गईं, साथ ही चारे के बीज नि:शुल्क वितरित किए गए। ग्रामीणों ने बताया कि तत्काल उपचार से कई पशुओं की स्थिति में सुधार देखने को मिला।

माधवी फाउंडेशन के अध्यक्ष पीयूष जोशी ने कहा —

“हमारी संस्था का उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों तक सस्ती और प्रभावी स्वास्थ्य सुविधाएँ पहुँचाना है। आज के शिविर से लगभग 70 ग्रामीणों और दर्जनों पशुओं को लाभ मिला है। भविष्य में भी ऐसे शिविर नियमित रूप से आयोजित किए जाएंगे ताकि गांवों में स्वास्थ्य और पशुपालन सेवाएँ आसानी से मिल सकें।”

कार्यक्रम की अध्यक्षता ग्राम प्रधान राधा कैलाश भट्ट ने की। इस अवसर पर ग्राम प्रधान रुक्मणी नेगी, कनिष्ठ प्रमुख कमल भंडारी, पशुधन प्रसार अधिकारी अनिल कुमार सती, वैक्सीनेटर अनिल कुमार, तथा प्रभु नेत्रालय रुद्रपुर के चिकित्सक दल सहित कई जनप्रतिनिधि और ग्रामीण मौजूद रहे।

सभी उपस्थित जनप्रतिनिधियों ने माधवी फाउंडेशन की इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि राज्य की रजत जयंती वर्ष में आयोजित यह सामुदायिक कार्यक्रम ग्रामीण कल्याण की दिशा में सराहनीय कदम है।
ग्रामीणों ने भी आयोजकों का आभार जताते हुए भविष्य में और अधिक ऐसे शिविरों की मांग की।