

स्थान: रुड़की

र्व मुख्यमंत्री हरीश रावत के हालिया बयान — “आज नफरत की राजनीति की जा रही है, ऐसे में जो लोग सनातन धर्म की उदारवादिता में विश्वास रखते हैं, उन्हें आगे आना चाहिए… खासकर ब्राह्मण समाज की जिम्मेदारी ज्यादा है” — पर उत्तराखंड ब्राह्मण समाज के उपाध्यक्ष और पूर्व नगर पालिका अध्यक्ष दिनेश कौशिक ने तीखी प्रतिक्रिया दी है।



दिनेश कौशिक ने कहा कि हरीश रावत का यह बयान सुनकर वह भौचक्के रह गए, क्योंकि यह बयान पूरी तरह राजनीतिक स्वार्थ से प्रेरित है। उन्होंने कहा — “हरीश रावत अपनी राजनीतिक जमीन खिसकते देख ब्राह्मणों का नाम लेकर राजनीति चमकाने की कोशिश कर रहे हैं। ब्राह्मण समाज को याद करना अब उन्हें तब सूझा है जब सत्ता उनसे दूर हो गई है।”


कौशिक ने हरीश रावत पर आरोप लगाया कि उन्होंने हमेशा ब्राह्मण समाज की उपेक्षा की और कांग्रेस में ब्राह्मण विरोध का माहौल बनाया। उन्होंने कहा — “हरीश रावत वही व्यक्ति हैं, जिनकी वजह से नारायण दत्त तिवारी, विजय बहुगुणा, इंदिरा हृदयेश जैसे नेताओं को नुकसान हुआ। 2007 में मेरा भी टिकट हरीश रावत ने कटवाया था। आज वह ब्राह्मणों का नाम लेकर जनता की सहानुभूति पाने की कोशिश कर रहे हैं।”



कौशिक ने आगे कहा कि हरीश रावत की राजनीति अब समाप्ति की ओर है और यह सब “ब्राह्मण समाज के आशीर्वाद न मिलने का परिणाम” है। उन्होंने कहा — “हरीश रावत को अब दर-दर की ठोकरें खाने की नौबत इसलिए आई है क्योंकि उन्होंने ब्राह्मण समाज की अनदेखी की। यह ब्राह्मण समाज का श्राप है कि आज वह अपनी ही पार्टी में उपेक्षित हो चुके हैं।”

दिनेश कौशिक ने स्पष्ट कहा कि ब्राह्मण समाज अब किसी के राजनीतिक स्वार्थ का उपकरण नहीं बनेगा और उत्तराखंड में ब्राह्मण समाज भाजपा के साथ मजबूती से खड़ा है।


