चंपावत-पिथौरागढ़ में साहसिक पर्यटन को बढ़ावा, विदेशी खिलाड़ियों ने सरयू-रामगंगा की लहरों पर किया रोमांचक सफर

चंपावत-पिथौरागढ़ में साहसिक पर्यटन को बढ़ावा, विदेशी खिलाड़ियों ने सरयू-रामगंगा की लहरों पर किया रोमांचक सफर

स्थान : लोहाघाट (चंपावत)
रिपोर्ट: लक्ष्मण बिष्ट

उत्तराखंड के सीमांत जनपद चंपावत और पिथौरागढ़ साहसिक पर्यटन की नई दिशा तय कर रहे हैं। राज्य सरकार इस क्षेत्र में एडवेंचर टूरिज्म को बढ़ावा देने के लिए लगातार प्रयासरत है। इसी कड़ी में रविवार को चार विदेशी खिलाड़ियों समेत देश के कई खिलाड़ियों ने सरयू और रामगंगा नदियों की उफनती लहरों पर कयाक और राफ्टिंग कर अपनी साहसिक क्षमता का शानदार प्रदर्शन किया।

यह रोमांचक यात्रा पिथौरागढ़ जिले के थल से रामगंगा नदी पर शुरू हुई, जहां से खिलाड़ी चंपावत जिले के रामेश्वर पहुंचे। इसके बाद सरयू नदी की धाराओं से होते हुए यह यात्रा पंचेश्वर की महाकाली नदी तक पहुँची, जहां सभी खिलाड़ियों ने नदी की तेज़ धाराओं का सामना करते हुए अपनी यात्रा को सफलतापूर्वक पूरा किया।

विदेशी खिलाड़ियों ने सरयू और रामगंगा की लहरों को बेहद आकर्षक और चुनौतीपूर्ण बताते हुए कहा कि उत्तराखंड की प्राकृतिक सुंदरता और नदियों का प्रवाह एडवेंचर के लिए एक आदर्श स्थल है।

इस अवसर पर जिलाधिकारी चंपावत मनीष कुमार ने कहा कि जिले में राफ्टिंग और कयाकिंग की गतिविधियों को और अधिक प्रोत्साहित किया जाएगा ताकि अधिक से अधिक देश-विदेश के पर्यटक यहां आकर साहसिक पर्यटन का आनंद ले सकें। उन्होंने बताया कि पर्यटन व्यवसाय को सशक्त करने के साथ यह पहल स्थानीय युवाओं को रोजगार के नए अवसर भी प्रदान करेगी।

डीएम ने कहा कि “चंपावत की नदियां और प्राकृतिक सौंदर्य साहसिक खेलों के लिए अनोखी पहचान रखते हैं। प्रशासन का लक्ष्य है कि पंचेश्वर क्षेत्र को साहसिक पर्यटन के प्रमुख केंद्र के रूप में विकसित किया जाए।”

इस आयोजन के माध्यम से न केवल साहसिक खेलों को बढ़ावा मिला है, बल्कि क्षेत्रीय पर्यटन के लिए नई संभावनाओं के द्वार भी खुल गए हैं।