

स्थान : हरिद्वार


देशभर में आज भाई-बहन के स्नेह का पर्व भाई दूज हर्षोल्लास के साथ मनाया जा रहा है। सुबह से ही बहनों ने अपने भाइयों के माथे पर तिलक लगाकर उनकी लम्बी उम्र, सुख और समृद्धि की कामना की।



मंदिरों में पूजा-अर्चना और घरों में मिठाइयों की खुशबू ने पूरे वातावरण को त्योहारमय बना दिया। हरिद्वार, लक्सर और रुड़की में भी बाजारों में भारी भीड़ देखने को मिली। राखियों की जगह इस बार सुंदर थालियों, तिलक और उपहारों की रौनक छाई रही।



भाई दूज के मौके पर पुलिस प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था चाक-चौबंद रखी है। वहीं, पंडितों के अनुसार दोपहर 1:30 बजे से 3:00 बजे तक राहुकाल रहेगा, जबकि पूरे दिन तिलक का शुभ मुहूर्त बना रहेगा।


यह पर्व भाई और बहन के अटूट रिश्ते, प्रेम और समर्पण का प्रतीक है। पंडितों का कहना है कि “भाई दूज वह अवसर है जब भाई बहन की रक्षा का वचन देता है। ऋग्वेद और पुराणों में इस पर्व का उल्लेख मिलता है, जो इसे दीपावली पर्व का सबसे प्राचीन और प्रामाणिक भाग बनाता है।”

भाई दूज एक बार फिर परिवारों को जोड़ने और रिश्तों में अपनत्व की मिठास घोलने का अवसर लेकर आया है।




