

लोकेशन – डोईवाला
रिपोर्टर – आशीष यादव

आगामी 24 अक्टूबर से डोईवाला के टिहरी विस्थापित अठूर वाला क्षेत्र में पहली बार भव्य रामलीला का आयोजन किया जा रहा है। यह आयोजन अठूर वाला सांस्कृतिक मंच के सौजन्य से किया जा रहा है।




आज मंच से जुड़े सदस्यों ने प्रेस वार्ता के माध्यम से बताया कि यह रामलीला अठूर वाला क्षेत्र के इतिहास में एक महत्वपूर्ण सांस्कृतिक आरंभ है और आने वाले समय में यह पूरे क्षेत्र के लिए प्रेरक परंपरा बनेगी। उन्होंने बताया कि रामलीला का उद्देश्य केवल राम कथा का मंचन नहीं, बल्कि समाज में मर्यादा, आदर्श और सत्य के संदेश को पुनर्जीवित करना है।




रामलीला की निर्देशक डॉ. ममता कुंवर ने बताया कि धार्मिक महत्व को ध्यान में रखते हुए विशेष नियम बनाए गए हैं। 23 अक्टूबर को पंडाल पूजन के बाद सभी कलाकारों और समिति सदस्यों को आगामी 11 दिनों तक तामसिक भोजन से परहेज करना होगा। इसके अलावा, कोई भी व्यक्ति शराब पीकर रामलीला ग्राउंड में प्रवेश नहीं कर सकेगा।

डॉ. कुंवर ने कहा कि यह केवल सांस्कृतिक मंचन नहीं, बल्कि एक धार्मिक यज्ञ और आध्यात्मिक अनुष्ठान है, जिसमें सुचिता और मर्यादा सर्वोपरि रहेगी।




