


रिपोर्टर: सुनील सोनकर
स्थान: मसूरी

पहाड़ों की रानी मसूरी में शगुन वेडिंग पॉइंट के पीछे हेमकुंड कंपाउंड के पास एक निर्माणाधीन होटल का भारी मलबा अचानक नीचे बसे मकान पर गिर गया। हादसे के समय घर की दीवारें कांप उठीं और अंदर मौजूद लोग जान बचाने के लिए चीख-पुकार करने लगे।




मलबा गिरने के वक्त घर में 90 वर्षीय कपूरी देवी, उनकी बेटी कल्पना शर्मा (45) और 25 वर्षीय रोहित शर्मा मौजूद थे। फायर ब्रिगेड और स्थानीय पुलिस की तत्परता से बुजुर्ग महिला को मलबे से सुरक्षित बाहर निकाला गया और इलाज के लिए देहरादून भेजा गया।



मीडिया से बातचीत में कल्पना शर्मा ने बताया कि वह पिछले 30 वर्षों से इसी मकान में रहती हैं। उनके पति राधेश्याम शर्मा की 15 साल पहले मृत्यु हो गई थी। उन्होंने आरोप लगाया कि हेमकुंड कंपाउंड के मालिक लंबे समय से घर खाली कराने का दबाव बना रहे थे और लगातार मलबा उनके मकान पर फेंका जा रहा था। कल्पना ने कहा, “यह हादसा मानव लापरवाही और लालच का नतीजा है। मेरी मां और बेटा तो बच गए, लेकिन अब हमें कहां जाना है?”


मसूरी पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। वहीं, मसूरी-देहरादून विकास प्राधिकरण (एमडीडीए) के अधिकारी घटनास्थल पर पहुंचे और निरीक्षण किया। अधिकारियों ने कहा कि यदि निर्माण कार्य नियमों के विरुद्ध पाया गया, तो दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।


कल्पना शर्मा ने राज्य सरकार, जिला प्रशासन और स्थानीय जनप्रतिनिधियों से मांग की है कि उन्हें सुरक्षित आश्रय मुहैया कराया जाए, घटनास्थल का मुआवजा दिया जाए और जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई हो।

यह हादसा मसूरी में बढ़ते निर्माणाधीन कार्यों और सुरक्षा नियमों की अनदेखी की ओर गंभीर चेतावनी देता है।




