


निहंदपुर गांव में पेयजल योजना का ओवरहेड टैंक निर्माण दो साल से अधूरा पड़ा हुआ है, जिससे गांव के 200 से अधिक परिवार पीने के पानी के लिए तरस रहे हैं।

वर्ष 2022 में सरकार ने इस योजना को मंजूरी दी थी, जिसमें कुल 1.8 करोड़ रुपये खर्च होना था। बजट मिलने के बाद जल संस्थान ने ठेकेदार के माध्यम से काम शुरू कराया। 2023 में ओवरहेड टैंक निर्माण और भूमिगत पाइपलाइन डालने का कार्य शुरू हुआ। हालांकि, 2 साल से निर्माण कार्य ठप पड़ा हुआ है।




ग्रामीणों ने बताया कि ठेकेदार ने कुछ पाइपलाइन बिछाई और कुछ घरों में कनेक्शन भी दिए, लेकिन कई मोहल्लों में पाइपलाइन बिछाना बाकी है। इसके अलावा, सड़क भी ठीक नहीं कराई गई है। जहां पाइपलाइन पहुंची है, वहां कुछ लोगों को दिन में केवल एक बार बिजली आने पर सीधे बोरिंग का पानी मिलता है, जबकि बाकी लोग सरकारी हैंडपंप या दूसरे घरों से पानी लाने को मजबूर हैं।



प्रधान और अधिकारियों की प्रतिक्रिया:
प्रधान ने कहा कि योजना के लिए जो बजट मिला था, उसी से काम कराया गया है, लेकिन शेष बजट न मिलने के कारण निर्माण अधूरा पड़ा है। उन्होंने बताया कि बजट रिलीज कराने के प्रयास किए जा रहे हैं।



वहीं, कुछ ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि विभाग और ठेकेदार की मिलीभगत से करीब 75% बजट खर्च कर दिया गया, जबकि काम आधा भी पूरा नहीं हुआ। इस मामले की शिकायत जिला प्रशासन से भी की जा चुकी है।
ग्रामीणों की मांग है कि अधूरा निर्माण जल्द पूरा किया जाए ताकि गांव के लोग साफ और नियमित पानी प्राप्त कर सकें।




