


स्थान- हरिद्वार


हरिद्वार। धर्मनगरी हरिद्वार में गंगा के पावन तट पर भगवान चित्रगुप्त की भव्य एवं दिव्य कथा का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम अखिल भारतीय कायस्थ महासभा के प्रदेश अध्यक्ष उत्तराखंड, संजय श्रीवास्तव के नेतृत्व में आयोजित किया गया। कथा का संचालन श्री चित्रगुप्त पीठ, वृंदावन, मथुरा के पीठाधीश्वर जगतगुरु श्री चित्रगुप्ताचार्य डॉ. स्वामी सच्चिदानंद चित्रगुप्त महाराज के श्रीमुख से किया गया।



कार्यक्रम में देशभर से आए कायस्थ समाज के लोग शामिल हुए और दिव्य संगीतमय कथा का आनंद लिया। कथा व्यास डॉ. स्वामी सच्चिदानंद चित्रगुप्त महाराज ने भगवान चित्रगुप्त को केवल न्याय के देवता ही नहीं बल्कि ज्ञान और विद्या के देवता भी बताया। उन्होंने कहा कि उनकी पूजा से विद्यार्थियों को एकाग्रता और स्मरण शक्ति मिलती है।

अखिल भारतीय कायस्थ महासभा के राष्ट्रीय अध्यक्ष सुबोध कांत सहाय ने इस अवसर पर कहा कि भगवान चित्रगुप्त केवल कायस्थ समाज के ही नहीं बल्कि सभी समाजों के लोगों के आराध्य हैं। उन्होंने कहा कि देवभूमि उत्तराखंड में हर वर्ष गंगा तट पर भगवान चित्रगुप्त की कथा का आयोजन होना चाहिए और इसमें समाज के सभी वर्गों के लोगों को आमंत्रित किया जाना चाहिए।



कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्वलन के साथ हुआ और शनिवार को गंगा आरती एवं सांस्कृतिक संध्या में भक्तों ने भजनों का आनंद लिया। इस दौरान प्रेस क्लब, रजि हरिद्वार के अध्यक्ष धर्मेंद्र चौधरी और एनयूजे आई उत्तराखंड के प्रदेश कोषाध्यक्ष राहुल वर्मा ने कथा व्यास का स्वागत करते हुए फूलमाला और स्मृति चिन्ह भेंट किए।


इस अवसर पर अखिल भारतीय कायस्थ महासभा के राष्ट्रीय महासचिव कृष्ण मोहन कुलश्रेष्ठ, कार्यवाहक अध्यक्ष मुकेश श्रीवास्तव, जस्टिस लोकपाल, ब्रिगेडियर अनिल श्रीवास्तव, अनुप कुमार श्रीवास्तव, आलोक कुमार श्रीवास्तव, इंडिया न्यूज़ के मैनेजिंग एडिटर राकेश सिंह, राष्ट्रीय जनता दल यूनाइटेड के प्रदेश अध्यक्ष मोहित नवानी, अन्य गणमान्य लोग और समाज के वरिष्ठ प्रतिनिधि उपस्थित रहे।

संजय श्रीवास्तव ने कार्यक्रम के आयोजकों और सभी उपस्थित गणमान्य व्यक्तियों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि इस तरह के धार्मिक एवं सांस्कृतिक आयोजन समाज में एकता और समर्पण की भावना को बढ़ाते हैं।



