

टॉप : ऋषिकेश
रिपोर्टर : अमित कंडियाल


तीर्थनगरी ऋषिकेश में मंगलवार की शाम एक अनोखा नज़ारा देखने को मिला। राम, लक्ष्मण, भरत, शत्रुघ्न, सीता और हनुमान की वेशभूषा में सजे कलाकार ढोल-नगाड़ों के साथ कोतवाली पहुंचे और विरोध प्रदर्शन किया। यह धार्मिक झांकी नहीं, बल्कि रामलीला रोक के खिलाफ अनोखा विरोध था।



70 साल पुरानी सुभाष बनखंडी श्री रामलीला कमेटी के कलाकारों और पदाधिकारियों ने बताया कि रामलीला मंचन और दशहरे पर रावण दहन की अनुमति न मिलने तथा लगातार झूठे मुकदमों से परेशान होकर उन्होंने गिरफ्तारी देने का निर्णय लिया।



कमेटी अध्यक्ष हरिराम अरोड़ा और महामंत्री योगेश कालरा ने आरोप लगाया कि कुछ राजनीतिक रसूखदार लोग और पुलिस शिकायत प्रकोष्ठ में बैठे व्यक्ति कमेटी और उसकी संपत्ति पर कब्जा करने के लिए सरकार को गुमराह कर रहे हैं।


कमेटी ने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से मामले में तत्काल हस्तक्षेप कर षड्यंत्रकारियों पर कार्रवाई करने और झूठे मुकदमे वापस लेने की मांग की। कोतवाली परिसर में राम-सीता, लक्ष्मण और हनुमान के रूप में खड़े कलाकारों को देखकर लोग भावुक हो उठे और कहा—“रामलीला आस्था है, आस्था पर राजनीति नहीं होनी चाहिए।”


