हरिद्वार में ‘लव जिहाद’ और ब्लैकमेलिंग का सनसनीखेज मामला, ऑपरेशन कालनेमी के

हरिद्वार में ‘लव जिहाद’ और ब्लैकमेलिंग का सनसनीखेज मामला, ऑपरेशन कालनेमी के

शहजाद अली हरिद्वार

देवभूमि हरिद्वार में महिलाओं की सुरक्षा से जुड़ा एक गंभीर और चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जिसमें एक युवक ने फर्जी नाम से पहचान छिपाकर एक युवती को प्रेमजाल में फंसाया, दुष्कर्म किया और फिर वीडियो वायरल करने की धमकी देकर ब्लैकमेल करने की कोशिश की।

पीड़िता द्वारा बहादराबाद थाने में दी गई तहरीर के बाद वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक प्रमेन्द्र डोबाल के निर्देश पर पुलिस ने तत्काल कार्रवाई करते हुए आरोपी की तलाश शुरू की। थानाध्यक्ष अंकुर शर्मा के नेतृत्व में गठित विशेष टीम ने ऑपरेशन कालनेमी के तहत इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों की बारीकी से जांच की और महज़ 24 घंटे के भीतर आरोपी को धर दबोचा।


नकली पहचान, असली इरादे

पुलिस जांच में खुलासा हुआ कि आरोपी ने “सोनू” नाम से अपनी झूठी पहचान बताकर युवती से संपर्क किया। बाद में उसे प्रेमजाल में फंसा कर दुष्कर्म किया और फिर वीडियो बनाकर ब्लैकमेल करने लगा। आरोपी ने वीडियो वायरल करने की धमकी देकर ₹50,000 की मांग की।

पुलिस ने आरोपी को नगला इमरती बाइपास से गिरफ्तार किया, जिसकी असली पहचान इकबाल पुत्र अखलाक, निवासी मंगलौर के रूप में हुई है।


पुलिस की त्वरित कार्रवाई और डिजिटल जांच

  • आरोपी के मोबाइल फोन, बैंक खातों और संपर्कों के नेटवर्क की गहराई से जांच की जा रही है।
  • तकनीकी टीम ने डिजिटल फॉरेंसिक साक्ष्यों को भी सुरक्षित किया है।
  • प्रारंभिक जांच में यह संकेत मिले हैं कि आरोपी पूर्व में भी इसी प्रकार की गतिविधियों में संलिप्त हो सकता है।

ऑपरेशन कालनेमी के तहत चौकस पुलिस

यह कार्रवाई मुख्यमंत्री के निर्देशों पर चल रहे प्रदेशव्यापी ‘ऑपरेशन कालनेमी’ का हिस्सा है, जिसका उद्देश्य है—ऐसे अपराधियों की पहचान कर कार्रवाई करना जो झूठी पहचान, प्रेमजाल और डिजिटल माध्यमों से महिलाओं को निशाना बनाते हैं।

हरिद्वार पुलिस की यह तेज़ और प्रभावी कार्रवाई महिलाओं की सुरक्षा को लेकर उनकी संवेदनशीलता और प्रतिबद्धता को दर्शाती है।


पुलिस की अपील: सतर्क रहें, रिपोर्ट करें

पुलिस प्रशासन ने आम लोगों, खासकर युवतियों और महिलाओं से अपील की है कि वे ऑनलाइन या ऑफलाइन संबंधों में सतर्क रहें और किसी भी संदिग्ध व्यवहार की तत्काल रिपोर्ट करें। अपराधियों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी और पीड़ित की पहचान व गरिमा की पूर्ण गोपनीयता सुनिश्चित की जाएगी।