

लोकेशन– लकसर (उत्तराखंड)
संवाददाता– गोविन्द चौधरी

गन्ना पेराई सत्र शुरू होने से पहले ही प्रदेश भर के किसान अपनी समस्याओं और मांगों को लेकर एकजुट हो गए हैं। लक्सर में भारतीय किसान संघ के बैनर तले किसानों ने विकास खण्ड अधिकारी के माध्यम से मुख्यमंत्री को 7 सूत्रीय मांगों का ज्ञापन सौंपा।



ज्ञापन में किसानों ने प्रदेश की गंभीर आर्थिक स्थिति और हालिया आपदा का हवाला देते हुए कहा है कि अति वृष्टि और प्राकृतिक आपदाओं के कारण किसानों को भारी नुकसान हुआ है। ऐसे में फसलों और जनधन की हानि का मुआवजा तत्काल दिया जाए।



किसानों की प्रमुख मांगें:

- आपदा से प्रभावित किसानों को शीघ्र मुआवजा
- इकबालपुर शुगर मिल पर बकाया भुगतान जल्द कराया जाए
- गन्ने का मूल्य ₹500 प्रति क्विंटल घोषित किया जाए
- नलकूप की बिजली उत्तर प्रदेश की तर्ज पर उत्तराखंड में भी निशुल्क की जाए
- कृषि यंत्रों पर पूरे प्रदेश में समान रूप से सब्सिडी लागू हो
- कृषि कार्य के लिए मिलने वाली सुविधाएं एक समान और पारदर्शी हों
- गन्ना पेराई सत्र समय पर शुरू किया जाए और किसानों को समय से भुगतान हो

किसानों ने चेतावनी दी है कि यदि सरकार ने उनकी मांगों पर शीघ्र और ठोस कार्रवाई नहीं की, तो वे प्रदेश स्तर पर आंदोलन करने के लिए बाध्य होंगे।
भारतीय किसान संघ के पदाधिकारियों ने कहा कि
“हम सरकार से टकराव नहीं चाहते, परंतु अगर हमारी मांगें नहीं मानी गईं, तो संघर्ष का रास्ता अपनाना पड़ेगा। किसान अब सिर्फ आश्वासन नहीं, कार्यवाही चाहता है।”



