

स्थान – बाजपुर
रिपोर्ट – भूपेंद्र सिंह पन्नू


ग्राम पंचायत बांसखेड़ा में बनी अमर शहीद अंग्रेज सिंह रंधावा की समाधि आज भी सरकार की उदासीनता और लापरवाही की गवाही दे रही है। शहादत के 23 साल बीत जाने के बावजूद न तो समाधि पर कोई प्रतिमा स्थापित हो सकी है और न ही सरकार द्वारा किए गए वादे पूरे हुए हैं।



शहीद अंग्रेज सिंह रंधावा के परिवार को सरकार की ओर से 10 एकड़ जमीन देने का वादा किया गया था। इस संबंध में जिलाधिकारी रुद्रपुर ने आदेश भी जारी किया था, लेकिन आज तक परिवार उस जमीन से वंचित है। शहीद की वृद्ध मां लगातार सरकारी दफ्तरों के चक्कर काट रही हैं, मगर अधिकारियों की मनमानी और सरकार की अनदेखी के कारण परिवार का सब्र अब टूटने की कगार पर है।



शहीद की बरसी के मौके पर भी किसी जनप्रतिनिधि ने समाधि स्थल पर आकर श्रद्धांजलि अर्पित करने की ज़हमत नहीं उठाई। ग्रामीणों का कहना है कि जहां नेता चुनावी मंचों पर शहीदों के नाम के नारे लगाते नहीं थकते, वहीं हकीकत में शहीदों के परिवार न्याय और सम्मान पाने के लिए दर-दर की ठोकरें खाने को मजबूर हैं।



स्थानीय लोगों का सवाल है कि आखिर कब तक शहीद का परिवार अपने हक और सम्मान के लिए भटकता रहेगा और कब सरकार शहीदों के सम्मान की बड़ी-बड़ी बातों को जमीन पर उतारेगी?



