

स्थान। ऋषिकेश

रिपोर्ट। खुशबू गौतम

“यात्रियों की गलती का बोझ वाहन मालिक क्यों उठाएं?” – वेलफेयर एसोसिएशन की गुहार

10 सितंबर: ऋषिकेश में बाइक रेंटल वेलफेयर एसोसिएशन ने ट्रैफिक चालानों की मौजूदा प्रक्रिया को लेकर नाराजगी जताते हुए आरटीओ कार्यालय का घेराव किया और जोरदार नारेबाजी करते हुए ज्ञापन सौंपा।



एसोसिएशन के पदाधिकारियों का कहना है कि सेल्फ-ड्राइविंग टू-व्हीलर सेवा में पर्यटक स्वयं वाहन चलाते हैं, लेकिन किसी भी यातायात नियम के उल्लंघन पर चालान का आर्थिक बोझ वाहन स्वामी को उठाना पड़ता है।

सेटेलाइट कैमरों से होने वाले चालानों पर उठे सवाल
संघ ने बताया कि चालान की सूचना 24 से 48 घंटे बाद मिलती है, जिससे ग्राहक से जुर्माने की राशि वसूलना संभव नहीं हो पाता। उन्होंने मांग की कि:
- चालान की जिम्मेदारी वास्तविक चालक (ग्राहक) पर तय की जाए
- सेटेलाइट कैमरों से किए गए चालान की सूचना तत्काल दी जाए
- वाहन मालिक को चालान की लाइव जानकारी मिलनी चाहिए, ताकि वह उसी समय ग्राहक से जुर्माना वसूल सके

बारिश और आपदा ने पहले ही डुबो दिया सीजन
बाइक रेंटल संचालकों ने बताया कि इस वर्ष उत्तराखंड में भारी बारिश और प्राकृतिक आपदाओं की वजह से पर्यटन सीजन पूरी तरह ठप रहा है। ऐसे में चालानों का अतिरिक्त भार वाहन स्वामियों को आर्थिक रूप से बर्बाद कर रहा है।



समाधान की मांग
संघ ने आरटीओ से आग्रह किया कि वे ट्रैफिक पुलिस और तकनीकी एजेंसियों के साथ मिलकर ऐसा सिस्टम विकसित करें जिसमें चालक की पहचान और जिम्मेदारी तय हो सके। साथ ही, वाहन मालिकों को अनावश्यक दंड से राहत दी जाए।



