

स्थान-हरिद्वार



हरिद्वार में अवैध अतिक्रमण के खिलाफ जिला प्रशासन ने सख्त रुख अपनाते हुए बुलडोज़र एक्शन शुरू कर दिया है। डीएम मयूर दीक्षित के सख्त निर्देश पर सिडकुल क्षेत्र समेत कई हिस्सों में सरकारी जमीन पर किए गए स्थायी निर्माण ध्वस्त कर दिए गए।


इस कार्रवाई ने न सिर्फ अतिक्रमणकारियों में हड़कंप मचा दिया, बल्कि पूरे जिले में “प्रशासन की लोहे जैसी सख्ती” की चर्चा शुरू हो गई है। अधिकारियों के अनुसार, सड़क किनारे से लेकर सरकारी भूमि तक हर तरह के अवैध निर्माण हटाए जा रहे हैं।

“हरिद्वार की भूमि अब अतिक्रमण मुक्त होगी” — डीएम मयूर दीक्षित
कार्रवाई के दौरान स्वयं स्थिति की निगरानी कर रहे जिलाधिकारी मयूर दीक्षित ने दो-टूक कहा:

“हरिद्वार की पवित्र भूमि पर अब अतिक्रमण का नामोनिशान नहीं बचेगा। अवैध कब्जाधारियों के खिलाफ कठोरतम कार्रवाई की जाएगी। किसी भी सिफारिश या दबाव में आकर कार्यवाही नहीं रुकेगी।”

सिडकुल से शुरू हुई कार्रवाई, देहात तक पहुंचेगा बुलडोज़र

प्रशासन ने सिडकुल क्षेत्र में कई स्थायी दुकानों, ढाबों और निर्माणों को ध्वस्त किया, जो वर्षों से सरकारी भूमि पर कब्जा जमाए हुए थे। इसके अतिरिक्त सड़क किनारे लगाए गए ढांचे, छप्पर व टिनशेड भी हटाए गए।
कार्रवाई को लेकर प्रशासन ने साफ संकेत दिया है कि यह सिर्फ शहर तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि देहात क्षेत्रों में भी अवैध कब्जों पर इसी तरह बुलडोज़र चलेगा।
बुलडोज़र की गरज से मची सनसनी

जैसे ही बुलडोज़र की कार्रवाई शुरू हुई, स्थानीय इलाकों में अफरा-तफरी मच गई। कई कब्जाधारियों ने खुद ही अपने ढांचे हटाने शुरू कर दिए, जबकि कुछ ने प्रशासन से समय की गुहार लगाई। लेकिन प्रशासन ने बिना किसी रियायत के कार्रवाई जारी रखी।




