

स्थान-हल्द्वानी

संवाद्दाता-पंकज सक्सेना



हल्द्वानी में इन दिनों पुलिस के खिलाफ धरना-प्रदर्शनों का दौर लगातार जारी है। कालाढूंगी विधायक बंशीधर भगत के बाद अब भाजपा नेता विपिन पांडे भी पुलिस पर गंभीर आरोप लगाते हुए अपने परिवार सहित धरने पर बैठ गए हैं।


विपिन पांडे का आरोप है कि पुलिस द्वारा उनके खिलाफ मारपीट, एक्सीडेंट का झूठे मुकदमे दर्ज कराए जा रहे हैं, जो कि उनके अनुसार एक राजनैतिक षड्यंत्र का हिस्सा है। उन्होंने दावा किया कि जिन व्यक्तियों के नाम पर शिकायतें दर्ज कर मुकदमे बनाए गए हैं, वे स्वयं उनके साथ मौजूद हैं और शिकायत की पुष्टि नहीं करते।

“मेरे राजनीतिक जीवन को खत्म करने की साजिश” — विपिन पांडे
धरने के दौरान मीडिया से बातचीत में विपिन पांडे ने कहा:
“पुलिस मेरे खिलाफ बार-बार झूठे मुकदमे दर्ज कर रही है। यह पूरी तरह से एक सोचा-समझा षड्यंत्र है, जिससे मेरे राजनीतिक जीवन को खत्म करने की कोशिश की जा रही है। पुलिस किसके इशारे पर यह सब कर रही है, यह जांच का विषय है।”

उन्होंने यह भी चेतावनी दी कि अगर उनके खिलाफ दर्ज मुकदमे वापस नहीं लिए गए, तो वे सड़क पर उतरकर बड़ा आंदोलन करेंगे। ।
पुलिस की भूमिका पर उठे सवाल

पांडे द्वारा लगाए गए आरोपों से हल्द्वानी पुलिस की कार्यप्रणाली एक बार फिर सवालों के घेरे में आ गई है। इससे पहले कालाढूंगी के विधायक बंशीधर भगत भी पुलिस कार्रवाई के विरोध में धरने पर बैठ चुके हैं।

आम जनता में चर्चा का विषय
लगातार जनप्रतिनिधियों और राजनैतिक नेताओं द्वारा पुलिस के खिलाफ खुलकर मोर्चा खोलने से हल्द्वानी में राजनीतिक माहौल गरमा गया है। आम जनता के बीच यह मामला चर्चा का विषय बना हुआ है कि क्या सच में पुलिस कार्रवाई पक्षपातपूर्ण है, या फिर मामला अंदरूनी राजनीति से जुड़ा हुआ है।



