खटीमा में सीएम धामी का जनसंवाद, विकास कार्यों की गिनाईं उपलब्धियां

खटीमा में सीएम धामी का जनसंवाद, विकास कार्यों की गिनाईं उपलब्धियां

स्थान : खटीमा
रिपोर्टर :अशोक सरकार

उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी इन दिनों “जन-जन की सरकार, जन-जन के द्वार” अभियान के तहत लगातार जनता के बीच पहुंच रहे हैं। इसी क्रम में मुख्यमंत्री अपने गृह क्षेत्र खटीमा पहुंचे, जहां उन्होंने बंडीया सहित कई गांवों में जनसंवाद कर लोगों से सीधा संवाद स्थापित किया और सरकार की उपलब्धियां साझा कीं।

कार्यक्रम के दौरान सीएम धामी ने कहा कि भारत की आत्मा गांवों में बसती है और जब तक गांव एवं कस्बे मजबूत नहीं होंगे, तब तक देश के समग्र विकास की कल्पना पूरी नहीं हो सकती। उन्होंने ग्रामीण क्षेत्रों के सशक्तिकरण को सरकार की प्राथमिकता बताया।

मुख्यमंत्री ने खटीमा क्षेत्र में हुए विकास कार्यों का विस्तार से उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि खटीमा बाईपास, पुल निर्माण, आधुनिक बस स्टेशन, केंद्रीय विद्यालय, खेल स्टेडियम, आईटीआई, पॉलिटेक्निक कॉलेज और 100 बेड अस्पताल जैसी सुविधाओं ने क्षेत्र को नई पहचान दी है।

उन्होंने केंद्र और राज्य सरकार की योजनाओं का भी जिक्र किया। प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना, राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन, प्रधानमंत्री आवास योजना और स्वच्छता अभियान के माध्यम से ग्रामीण क्षेत्रों में बड़े स्तर पर विकास कार्य हुए हैं। इसके साथ ही हाउस ऑफ हिमालयाज, स्टेट मिलेट मिशन, एप्पल मिशन, नई पर्यटन नीति, होम स्टे योजना और सौर स्वरोजगार योजना ने ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती प्रदान की है।

सीएम ने बताया कि प्रदेश में 2.65 लाख से अधिक महिलाएं स्वयं सहायता समूहों के माध्यम से “लखपति दीदी” बन चुकी हैं। वहीं “जन-जन की सरकार” अभियान के तहत अब तक 5.62 लाख से अधिक लोगों को विभिन्न योजनाओं का लाभ मिल चुका है।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने करीब 89 लाख रुपये की लागत से पूर्ण हुई विकास योजनाओं का लोकार्पण भी किया। इनमें 55 लाख रुपये की लागत से बनी “दीदी की लाइब्रेरी”, 7.50 लाख रुपये से आधुनिकीकृत व्यायामशाला और 26.50 लाख रुपये से विकासखंड सभागार के नवीनीकरण कार्य शामिल हैं।

मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि सरकार का लक्ष्य है कि हर योजना और सेवा समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे। खटीमा में आयोजित यह जनसंवाद कार्यक्रम इसी दिशा में सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाता है, जहां विकास कार्यों और जनकल्याण योजनाओं को सीधे जनता तक पहुंचाने का प्रयास किया गया।