

रिपोर्टर- पंकज सक्सेना

हल्द्वानी। गणेश चतुर्थी के मौके पर पूरे हल्द्वानी शहर में भक्तिमय माहौल देखने को मिला। जगह-जगह आयोजित गणेश महोत्सवों के बाद मंगलवार को सभी गणेश प्रतिमाओं का एक साथ विसर्जन किया गया। इस अवसर पर श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी और पूरा शहर गणपति बाप्पा मोरया के जयकारों से गूंज उठा।




पटेल चौक के राजा बने आकर्षण का केंद्र
हल्द्वानी के पटेल चौक के राजा का विसर्जन जुलूस शहर का मुख्य आकर्षण रहा। इस दौरान महाराष्ट्र से आए बैंड दल ने अपनी अनोखी धुनों और ताल से लोगों का दिल जीत लिया। बैंड की पारंपरिक धुनों पर श्रद्धालु नाचते-गाते हुए विसर्जन स्थल की ओर बढ़े। पूरे मार्ग में भक्तों की भीड़ उमड़ पड़ी और माहौल बेहद उत्साहपूर्ण रहा।



वहीं, वैश्य महासभा द्वारा आयोजित गणेश महोत्सव का समापन भी बड़े धूमधाम से किया गया। जुलूस में पारंपरिक ढोल-नगाड़ों की गूंज ने सबको अपनी ओर आकर्षित किया। श्रद्धालु ढोल की थाप पर झूमते और गणपति बप्पा के जयकारे लगाते आगे बढ़ते रहे।

रानीबाग में हुआ मूर्तियों का विसर्जन
विभिन्न स्थानों से निकले जुलूस अंततः रानीबाग पहुंचे, जहां सभी गणेश प्रतिमाओं का विधिवत विसर्जन किया गया। इस अवसर पर बड़ी संख्या में श्रद्धालु मौजूद रहे। पानी में प्रतिमा विसर्जन के दौरान भक्तों ने भावपूर्ण विदाई दी और अगले वर्ष पुनः आगमन की कामना की।



भक्तिमय और सांस्कृतिक रंग
पूरे आयोजन के दौरान हल्द्वानी शहर का माहौल भक्तिमय और सांस्कृतिक रंगों से सराबोर रहा। श्रद्धालु गणपति बप्पा की आरती करते, प्रसाद बांटते और पारंपरिक नृत्य-गान में शामिल होते दिखे।
मूर्ति विसर्जन के मौके पर पुलिस प्रशासन भी अलर्ट रहा। विसर्जन स्थल और जुलूस मार्ग पर सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए थे ताकि श्रद्धालु सुरक्षित माहौल में उत्सव का आनंद ले सकें।



हल्द्वानी में गणेश महोत्सव का यह सामूहिक विसर्जन न केवल धार्मिक आस्था का प्रतीक बना बल्कि सांस्कृतिक एकता और उत्सवधर्मिता का भी संदेश दिया। भक्तों ने बप्पा से आशीर्वाद लेकर अगले वर्ष उनके पुनः आगमन का संकल्प लिया।



