रानीखेत में मां नंदा-सुनंदा महोत्सव में सांस्कृतिक रंग, बारिश के बीच इनडोर कार्यक्रमों में उमड़ा उत्साह

रानीखेत में मां नंदा-सुनंदा महोत्सव में सांस्कृतिक रंग, बारिश के बीच इनडोर कार्यक्रमों में उमड़ा उत्साह

रिपोर्ट…..संजय जोशी

रानीखेत। अल्मोड़ा जनपद के रानीखेत में चल रहे मां नंदा-सुनंदा महोत्सव में इस बार बारिश ने रंग तो फीके करने की कोशिश की, लेकिन उत्साह और श्रद्धा ने हर कार्यक्रम को विशेष बना दिया। लगातार हो रही बरसात के चलते आयोजकों को अधिकांश कार्यक्रम इनडोर स्थल पर स्थानांतरित करना पड़ा, इसके बावजूद दर्शकों की भीड़ और प्रतिभागियों का जोश देखने लायक रहा।

महिलाओं की चुहलबाज़ी विवाह गीत प्रतियोगिता बनी आकर्षण का केंद्र

महोत्सव की सबसे अनोखी प्रतियोगिता रही महिलाओं की चुहलबाज़ी विवाह गीत प्रतियोगिता, जो पहली बार आयोजित की गई। इसमें वर पक्ष और वधू पक्ष की टीमों ने एक-दूसरे को चुटीले गीतों के माध्यम से छेड़ा, जिससे पूरा पंडाल ठहाकों से गूंज उठा।

  • इस प्रतियोगिता में जोशी एंड पार्टी ने प्रथम स्थान प्राप्त किया।
  • रंगीलो कुमाऊं महिला ग्रुप (एमईएस कॉलोनी) को दूसरा स्थान मिला।
  • नीलकंठ महिला समिति आबकारी तीसरे स्थान पर रही।

निर्णायक मंडल में विमल सती और ज्योति साह शामिल रहे। कुल नौ महिला टीमों ने अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया। विजेताओं को सांस्कृतिक समिति के अध्यक्ष विमल सती ने पुरस्कृत किया।

विद्यालयी लोक नृत्य में दिखा सांस्कृतिक वैभव

सीनियर वर्ग की अंतरविद्यालयी समूह लोकनृत्य प्रतियोगिता भी दर्शकों के आकर्षण का केंद्र रही। छात्र-छात्राओं ने कुमाऊं, गढ़वाल और अन्य प्रांतों के लोक नृत्यों की झलक पेश की।

  • विवेकानंद विद्या मंदिर इंटर कॉलेज, रानीखेत ने पहला स्थान प्राप्त किया।
  • मिशन इंटर कॉलेज द्वितीय रहा।
  • आर्मी पब्लिक स्कूल तृतीय स्थान पर रहा।

प्रतियोगिता का मूल्यांकन नवोदय विद्यालय के डीसी जोशी और सेवानिवृत्त शिक्षिका डॉ. रजनी भट्ट ने किया। संचालन दीपक पंत ने किया।

भक्ति और संस्कृति का संगम

रात्रिकालीन कार्यक्रमों में संस्कृति विभाग के आरोही ग्रुप, नैनीताल के कलाकारों ने देवी पंडाल में भजनों की प्रस्तुति दी। उनके मधुर स्वरों से पूरा वातावरण देर रात तक भक्तिमय बना रहा। श्रद्धालु देर रात तक बैठे रहे और माता नंदा-सुनंदा के भजनों में डूबे रहे।

उत्तराखंडी व्यंजन प्रतियोगिता

महोत्सव में उत्तराखंडी व्यंजन प्रतियोगिता ने लोगों का दिल जीत लिया। प्रतियोगिता में महिलाओं ने पारंपरिक व्यंजन जैसे—
बड़िल, साई, चिल्हण, झुंगरे का भात, पत्यूण, डुबके, चैंस, कणिक भात, पहाड़ी नमक-चटनियां, बड़े-पुए, सिसौंण का साग—परोसे।

  • इस प्रतियोगिता में ज्योति साह ने पहला स्थान हासिल किया।
  • विनीता साह दूसरे स्थान पर रहीं।
  • साह तीसरे स्थान पर रहीं।

निर्णायक अगस्त लाल साह, देवेंद्र लाल साह और विमल सती रहे। प्रतियोगिता के प्रायोजक पंकज साह और सौरभ अग्रवाल थे।

लगातार हो रही बारिश के चलते मंगलवार को निर्धारित महिलाओं की झोड़ा प्रतियोगिता स्थगित कर दी गई। सांस्कृतिक संयोजक विमल सती ने बताया कि जल्द ही इस प्रतियोगिता की नई तिथि घोषित की जाएगी।

महोत्सव में गौरव भट्ट, परमवीर मेहरा और अभिषेक कांडपाल सहित कई गणमान्य लोग मौजूद रहे। भले ही बारिश ने कार्यक्रमों को आउटडोर से इनडोर करवा दिया, लेकिन श्रद्धा, संस्कृति और उत्साह का संगम हर पल महसूस किया गया।