खटीमा में भारी बारिश से जनजीवन अस्त-व्यस्त, कई इलाकों में जलभराव

खटीमा में भारी बारिश से जनजीवन अस्त-व्यस्त, कई इलाकों में जलभराव

स्थान – खटीमा ऊधम सिंह नगर
रिपोर्ट – अशोक सरकार

सीमांत क्षेत्र खटीमा में जलभराव की समस्या इस बार फिर गंभीर रूप ले चुकी है। तीन दिन से लगातार हो रही भारी बारिश ने लोगों का जीवन पूरी तरह अस्त-व्यस्त कर दिया है। नगरपालिका क्षेत्र के साथ-साथ ग्रामीण इलाकों में भी पानी भरने से हालात बाढ़ जैसे हो गए हैं।

निचले इलाकों में जलभराव, नागरिक चिकित्सालय डूबा

लगातार बारिश के चलते निचले इलाकों में पानी भर गया है। स्थिति इतनी गंभीर हो गई कि नागरिक चिकित्सालय खटीमा पूरी तरह जलमग्न हो गया। मरीजों और स्टाफ को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।

प्रभावित क्षेत्र

जलभराव से प्रभावित प्रमुख क्षेत्रों में

  • राजीव नगर
  • अमाऊ
  • पकड़िया बंगाली कॉलोनी
  • प्रतापपुर
  • अमाऊं-मयूर विहार
  • मेलाघाट
  • खेतल सांडा
  • खाम
  • आवास विकास
  • कंजाबाग
  • बरीअंजनिया
    सहित कई अन्य ग्रामीण इलाकों में भी बाढ़ जैसी स्थिति बनी हुई है।

राहत और बचाव कार्य तेज

स्थिति की गंभीरता को देखते हुए प्रशासन ने राहत और बचाव कार्य शुरू कर दिया है।

  • नौसर ग्राम के 20 परिवारों को सुरक्षित निकालकर राहत शिविर में ठहराया गया है।
  • प्रभावित लोगों के लिए भोजन और पेयजल की व्यवस्था की जा रही है।
  • प्रशासन ने जलभराव प्रभावित क्षेत्रों में लगातार राहत सामग्री पहुंचाने का काम शुरू किया है।

दहशत का माहौल

स्थानीय लोगों में पिछले साल 7 और 8 जुलाई को हुई भीषण बारिश और तबाही की यादें ताजा हो गई हैं। लगातार हो रही मूसलाधार बारिश ने लोगों के बीच दहशत का माहौल बना दिया है।

प्रशासन और जनप्रतिनिधियों की अपील

तहसीलदार विरेंद्र सिंह सजवान ने कहा कि प्रशासन द्वारा पीड़ितों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया जा रहा है और खाने-रहने की पूरी व्यवस्था की गई है। प्रभावित परिवारों का सर्वे भी किया जा रहा है, ताकि उन्हें आगे सहायता दी जा सके।

खटीमा विधायक भुवन कापड़ी लगातार क्षेत्र का दौरा कर आपदा पीड़ितों की मदद कर रहे हैं। वहीं नगर पालिका अध्यक्ष रमेश चंद्र जोशी ने शहरी बाढ़ प्रभावित इलाकों का निरीक्षण किया और वार्डवासियों को हर संभव मदद का भरोसा दिलाया।

प्रशासन की अपील

प्रशासन ने नागरिकों से अपील की है कि वे संयम और धैर्य से काम लें और सरकारी राहत कार्यों का सहयोग करें।