बदरी पुरी बामणी गांव में नन्दा देवी महोत्सव की धूम, ध्याणियों ने की विशेष पूजा अर्चना

बदरी पुरी बामणी गांव में नन्दा देवी महोत्सव की धूम, ध्याणियों ने की विशेष पूजा अर्चना

लोकेशन,, बदरीनाथ

रिपोर्ट,संजय कुंवर, बद्रीनाथ धाम

पहाड़ों में इन दिनों मां नन्दा देवी के जयकारों से वातावरण गूंज रहा है। हर ओर धार्मिक उत्साह और लोक परंपराओं का संगम देखने को मिल रहा है। इसी क्रम में बदरी पुरी के बामणी गांव में चार दिवसीय कुबेर-नन्दा देव उत्सव बड़े हर्षोल्लास के साथ मनाया जा रहा है।

हर साल की तरह इस बार भी महा अष्टमी का यह देव उत्सव पूरे क्षेत्र के लिए आस्था का केंद्र बना हुआ है। शनिवार को उत्सव के तीसरे दिन का विशेष महत्व रहा, जिसे गांव की विवाहित बेटियों यानी ध्याणियों को समर्पित किया गया।

सुबह से ही पारंपरिक परिधानों में सुसज्जित ध्यानियों ने पहले श्री बदरी विशाल मंदिर में जाकर भगवान श्री हरि नारायण के दर्शन किए। वहां से प्रसाद स्वरूप चुनरी और पुष्प लेकर सभी महिलाएँ अपने मायके की आराध्य देवी मां नन्दा के मंदिर बामणी गांव पहुँचीं। मंदिर प्रांगण में पहुंचकर ध्यानियों ने पूजा-अर्चना की और अपने परिवार की सुख-समृद्धि, खुशहाली और रक्षा के लिए मां नन्दा से विशेष प्रार्थना की।

इस अवसर पर बामणी गांव की महिला मंगल दल अध्यक्ष बीना पंवार ने जानकारी दी कि पांडुकेश्वर-बामणी गांव की 300 से अधिक ध्यानियों ने सामूहिक रूप से मां नन्दा को स्वर्ण नथ और चांदी की पायल अर्पित की है। यह भेंट उनकी आस्था और परंपरा का प्रतीक मानी जा रही है।

देव उत्सव का चौथा और अंतिम दिन रविवार को नन्दा चौक, बामणी गांव में आयोजित होगा। इस दिन गाडू उत्सव होगा और रात्रि में मां नन्दा देवी को समर्पित देव जागर का आयोजन किया जाएगा। इसके साथ ही पारंपरिक दाकुड़ी और चौंफला जैसे सामूहिक लोक नृत्यों से पूरा वातावरण भक्तिमय और उल्लासमय हो उठेगा।

मां नन्दा की विदाई के साथ यह चार दिवसीय महोत्सव सम्पन्न होगा। स्थानीय लोगों का कहना है कि इस तरह के आयोजन न केवल आस्था और परंपरा को जीवित रखते हैं, बल्कि पीढ़ी दर पीढ़ी सामाजिक और सांस्कृतिक एकजुटता को भी मजबूत बनाते हैं।