

स्थान- खटीमा , उधम सिंह नगर

रिपोर्ट- अशोक सरकार

खटीमा में शहीद दिवस पर श्रद्धांजलि, मुख्यमंत्री धामी बोले—शहीदों के सपनों का बनाएंगे उत्तराखंड
उधम सिंह नगर। उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शुक्रवार को अपने गृह क्षेत्र खटीमा के शहीद स्मारक पहुंचकर राज्य आंदोलनकारियों को श्रद्धांजलि अर्पित की। यह श्रद्धांजलि उन सात वीर आंदोलनकारियों को समर्पित थी जिन्होंने 1 सितंबर 1994 को उत्तराखंड राज्य की स्थापना की मांग करते हुए अपने प्राणों की आहुति दी थी।




ज्ञात हो कि खटीमा में 1994 में राज्य आंदोलन कर रहे लोगों पर पुलिस ने गोलीबारी की थी, जिसमें सात आंदोलनकारियों की शहादत हुई थी। इसी दिन की स्मृति में हर वर्ष 1 सितंबर को खटीमा में शहीद दिवस मनाया जाता है।

श्रद्धांजलि कार्यक्रम में मुख्यमंत्री धामी के साथ केंद्रीय रक्षा एवं पर्यटन राज्य मंत्री तथा नैनीताल लोकसभा सांसद अजय भट्ट ने भी शहीद आंदोलनकारियों को नमन किया।


कार्यक्रम स्थल पर बड़ी संख्या में जनसमूह उपस्थित रहा। शहीद स्मारक पर पुष्पांजलि अर्पित करने के बाद मुख्यमंत्री ने लोगों को संबोधित करते हुए कहा—
“खटीमा की भूमि उत्तराखंड की जननी है। यहां 1 सितंबर 1994 को सात वीर आंदोलनकारियों ने अपने प्राणों की आहुति दी थी। उनके बलिदान ने ही मसूरी और अन्य स्थानों पर आंदोलन को नई ऊर्जा दी और यही चिंगारी आगे चलकर उत्तराखंड राज्य की स्थापना का कारण बनी। मैं उन सभी बलिदानियों और संघर्षशील आंदोलनकारियों को नमन करता हूं।”



मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि आज उत्तराखंड निरंतर विकास की राह पर है। “हमारा संकल्प है कि हम शहीदों के सपनों के अनुरूप उत्तराखंड को देश का श्रेष्ठ राज्य बनाएंगे।”


उन्होंने यह भी कहा कि वर्तमान समय में प्रदेश के कई क्षेत्र प्राकृतिक आपदाओं से जूझ रहे हैं। सरकार का पहला लक्ष्य आपदा प्रभावित क्षेत्रों में राहत पहुंचाना और प्रभावित लोगों का सुरक्षित पुनर्वास सुनिश्चित करना है।’

इस अवसर पर जनसमूह ने शहीद आंदोलनकारियों को भावभीनी श्रद्धांजलि दी और ‘उत्तराखंड अमर रहे’ के नारों से वातावरण गूंज उठा।



