

स्थान : हल्द्वानी (मोटा हल्दु)
रिपोर्टर : पंकज सक्सेना

मदरसन कंपनी के कर्मचारियों द्वारा 15 सूत्रीय मांगों को लेकर चल रहा धरना और हड़ताल दो दिन बाद समाप्त हो गया है। हालांकि कर्मचारियों की मुख्य मांग, वेतन वृद्धि को लेकर अब भी अंतिम सहमति नहीं बन पाई है।


दो दिनों तक चले धरने के दौरान कंपनी प्रबंधन की ओर से कोई वार्ता नहीं की गई थी, जिससे कर्मचारियों में नाराजगी बनी रही। इसके बाद श्रम विभाग और पुलिस प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारियों के हस्तक्षेप के बाद बातचीत का दौर शुरू हुआ।


अधिकारियों की मौजूदगी में कंपनी प्रबंधन और कर्मचारियों के बीच वार्ता हुई, जिसमें 15 में से 12 मांगों पर सहमति बन गई। बाकी मांगों पर भी चर्चा हुई, लेकिन वेतन वृद्धि के मुद्दे पर निर्णय टल गया।


कर्मचारियों का कहना है कि उनकी प्रमुख मांग न्यूनतम 20,000 रुपये वेतन निर्धारित करने की है, जिस पर अभी तक कंपनी प्रबंधन ने कोई ठोस फैसला नहीं लिया है। हालांकि प्रबंधन ने दो महीने के भीतर इस पर निर्णय लेने का आश्वासन दिया है।

कर्मचारियों ने आरोप लगाया कि कंपनी में उनके साथ उत्पीड़न किया जाता है। उन्होंने बताया कि उन्हें 8 घंटे की बजाय 9 घंटे तक लगातार खड़े होकर काम कराया जाता है और बैठने तक की अनुमति नहीं दी जाती।

इसके अलावा कर्मचारियों का यह भी आरोप है कि शिकायत करने पर उन्हें दबाव में लिया जाता है और धरने के दौरान नौकरी से निकालने की धमकी भी दी गई।

फिलहाल हड़ताल समाप्त होने के बाद कर्मचारी काम पर लौट गए हैं, लेकिन वेतन वृद्धि की मांग पूरी न होने से असंतोष बना हुआ है। अब सभी की नजर इस बात पर है कि कंपनी प्रबंधन अपने आश्वासन पर कब तक अमल करता है।


