

रिपोर्ट,,संजय कुंवर

स्थान : बदरीनाथ

भू बैकुंठ नगरी श्री बदरीनाथ धाम में आज गणेश चतुर्थी के पावन अवसर पर भव्य पूजा-अर्चना का आयोजन किया गया। मंदिर परिसर में स्थित विघ्नहर्ता प्रथम पूज्य श्री गणेश भगवान की विधिपूर्वक पूजा की गई। मुख्य पुजारी श्री रावल जी ने मंदिर में विधि-विधान से पूजा कर हलवा प्रसाद अर्पित किया।



पूजा में विशेष रूप से धर्माधिकारी राधाकृष्ण थपलियाल, वेदपाठी रविंद्र भट्ट और अमित बंदौलिया ने वैदिक मंत्रोच्चारण किया। मंत्रोच्चारण की ध्वनि से पूरा मंदिर परिसर भक्तिमय वातावरण में डूब गया। इस अवसर पर मंदिर अधिकारी राजेंद्र चौहान, कुलदीप भट्ट, राजेंद्र सेमवाल, संतोष तिवारी, हरेंद्र कोठारी, अमित डिमरी सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।



श्रद्धालुओं ने बड़ी संख्या में मंदिर पहुँचकर गणेश जी के दर्शन किए और पूजा में शामिल होकर सुख, समृद्धि और मंगल की कामना की। मंदिर परिसर में साफ-सफाई और सजावट का विशेष ध्यान रखा गया था।
मुख्य पुजारी रावल जी ने कहा कि गणेश चतुर्थी का पर्व न केवल धार्मिक महत्व रखता है, बल्कि यह भक्तों में एकता और सकारात्मक ऊर्जा भी भरता है। उन्होंने सभी श्रद्धालुओं से अपील की कि वे शांति और भक्ति के मार्ग पर चलते हुए समाज में भाईचारे और सेवा भाव को बनाए रखें।


इस अवसर पर मंदिर परिसर में उपस्थित लोगों ने हलवा प्रसाद ग्रहण कर भगवान गणेश के प्रति अपनी श्रद्धा और भक्ति व्यक्त की। बच्चों, महिलाओं और बुजुर्गों की बड़ी संख्या में उपस्थिति ने धाम में उल्लासपूर्ण और भक्तिमय माहौल बना दिया।

पूजा-अर्चना के बाद मंदिर के अधिकारी और पंडितों ने सभी श्रद्धालुओं को धार्मिक शिक्षा और मंत्रों का महत्व बताया, साथ ही उनके जीवन में सुख, समृद्धि और बाधाओं से मुक्ति की कामना की।

इस अवसर पर स्थानीय प्रशासन ने भी व्यवस्था का ध्यान रखा और मंदिर परिसर में सुरक्षा व सुव्यवस्था बनाए रखी। श्रद्धालुओं ने इस धार्मिक आयोजन की सुव्यवस्थित व्यवस्था और भव्यता की सराहना की।
श्री बदरीनाथ धाम में गणेश चतुर्थी का यह भव्य आयोजन न केवल धार्मिक दृष्टि से महत्वपूर्ण रहा, बल्कि इसे देखकर भक्तों में धार्मिक जागरूकता और आस्था का संचार हुआ।




