लक्सर के करणपुर गांव में मातृ एवं शिशु कल्याण केंद्र बना शोपीस, वर्षों से लटका है ताला

लक्सर के करणपुर गांव में मातृ एवं शिशु कल्याण केंद्र बना शोपीस, वर्षों से लटका है ताला

स्थान : लक्सर (हरिद्वार)

सरकार द्वारा ग्रामीण क्षेत्रों में बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने के उद्देश्य से लाखों की लागत से बनाया गया मातृत्व एवं शिशु कल्याण केंद्र लक्सर तहसील क्षेत्र के करणपुर गांव में वर्षों से ताले में बंद पड़ा है। न डॉक्टर, न एएनएम और न ही कोई अन्य स्वास्थ्यकर्मी इस केंद्र पर तैनात है, जिससे ग्रामीणों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।

स्वास्थ्य सेवा के नाम पर सिर्फ इमारत
केंद्र की इमारत चारों ओर से झाड़ियों और ऊंची घास से घिरी हुई है, जिससे साफ जाहिर होता है कि लंबे समय से यहां कोई गतिविधि नहीं हो रही। ग्रामीणों का कहना है कि छोटे बच्चों के टीकाकरण और गर्भवती महिलाओं की जांच के लिए उन्हें कई किलोमीटर दूर लक्सर या खानपुर के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) तक जाना पड़ता है।

शिकायतें गईं अनसुनी
ग्रामीणों ने बताया कि उन्होंने कई बार स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को शिकायत की। यहां तक कि तहसील दिवस पर भी मामला उठाया गया, लेकिन अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई। ग्रामीणों ने प्रशासन से सवाल किया कि जब सरकार स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार के लिए करोड़ों रुपये खर्च कर रही है, तो फिर ऐसा केंद्र वर्षों से उपेक्षा का शिकार क्यों है?

स्वास्थ्य विभाग की प्रतिक्रिया
लक्सर सीएचसी प्रभारी डॉ. सैयद रफी ने कहा कि करणपुर गांव खानपुर क्षेत्र में आता है, लेकिन उन्होंने इस मुद्दे को गंभीरता से लेते हुए खानपुर सीएचसी प्रभारी से बात की है। उन्होंने कहा कि

“इस केंद्र के बंद होने की जांच की जाएगी कि यह कब से और क्यों बंद है। रिपोर्ट तैयार कर विभागीय अधिकारियों को भेजी जाएगी और लापरवाही बरतने वाले जिम्मेदारों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।”

सरकारी योजनाओं को लग रहा पलीता
यह मामला सरकार की ‘सभी को स्वास्थ्य’ जैसी योजनाओं की जमीनी हकीकत को उजागर करता है। जहां एक ओर राज्य सरकार स्वास्थ्य सेवाओं को गांव-गांव पहुंचाने की बात कर रही है, वहीं दूसरी ओर करणपुर जैसे गांवों में सुविधाएं होते हुए भी लोग वंचित हैं।