नीलापानी में बर्फ से बने ‘नीलेश्वर महादेव’ के हुए दर्शन, अमरनाथ जैसे बाबा बर्फानी का स्वरूप

नीलापानी में बर्फ से बने ‘नीलेश्वर महादेव’ के हुए दर्शन, अमरनाथ जैसे बाबा बर्फानी का स्वरूप

संवाददाता-दीपक नौटियाल
उत्तरकाशी

सावन माह के आरंभ से ठीक पहले उत्तरकाशी जनपद के सीमांत क्षेत्र नेलांग घाटी स्थित नीलापानी में एक अद्भुत और अलौकिक दृश्य ने भक्तों और स्थानीय प्रशासन को चकित कर दिया है।

यहां बर्फ से बनी लगभग दस फीट ऊंची शिवलिंग जैसी दिव्य आकृति के दर्शन हुए हैं, जो अमरनाथ में विराजमान बाबा बर्फानी के समान प्रतीत हो रही है। इस चमत्कारिक दृश्य को देखकर इसे ‘नीलेश्वर महादेव’ का नाम दिया गया है।

यह शिवलिंग अप्रैल माह में राज्य आपदा मोचन बल (SDRF) के पर्वतारोहण अभियान के दौरान खोजी गई थी। एसडीआरएफ का 20 सदस्यीय दल 5 अप्रैल को तेलांग घाटी के नीलापानी क्षेत्र में स्थित 6,054 मीटर ऊंची एक दुर्गम एवं अनाम चोटी के आरोहण के लिए रवाना हुआ था। इस दौरान टीम को 4,300 मीटर की ऊंचाई पर स्थित एक गुफा में यह चमत्कारिक आकृति दिखाई दी।

अद्भुत प्राकृतिक शिवलिंग और पौराणिक साक्ष्य

एसडीआरएफ अधिकारियों के अनुसार, यह क्षेत्र अत्यंत कठिन, दुर्गम और पर्यटकों से दूर है, जिससे यहां की प्राकृतिक और आध्यात्मिक विरासत अब तक गुप्त रही। नीलापानी क्षेत्र में स्थित इस बर्फीले शिवलिंग के समीप ‘पर्वती कुंड’ भी विराजमान है। साथ ही, यहां पांडव काल से जुड़े ऐतिहासिक एवं पौराणिक साक्ष्य भी मिलने की बात सामने आई है।

एसडीआरएफ ने इस विषय में शासन को अवगत कराया है। अधिकारियों के अनुसार, शासन स्तर से इस स्थान को आध्यात्मिक पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करने पर विचार किया जा रहा है। यदि ऐसा होता है, तो यह क्षेत्र धार्मिक, सांस्कृतिक और पर्यटन की दृष्टि से एक महत्वपूर्ण केंद्र बन सकता है।

चीन सीमा से लगे क्षेत्र में पहली बार ऐसा दृश्य

यह दुर्लभ और दिव्य दृश्य चीन सीमा से सटे नेलांग घाटी के एकांत और दुर्गम क्षेत्र में पहली बार देखा गया है। स्थानीय लोगों और विशेषज्ञों का मानना है कि यह आकृति प्राकृतिक चमत्कार है और इसका धार्मिक महत्व अत्यंत गहरा है।